शादी तय किए जाने से नाराज युवती घर से भागी, नाराज लड़के के परिवार ने भाई को बनाया बंधक, कहा- लड़की लाओ, लड़का ले जाओ

शादी तय किए जाने से नाराज युवती घर से भागी, नाराज लड़के के परिवार ने भाई को बनाया बंधक, कहा- लड़की लाओ, लड़का ले जाओ

PATNA : पिता की पसंद किए गए लड़के से अक्सर युवतियां शादी से इनकार कर देती हैं। यहां भी कुछ ऐसा ही हुआ और रिश्ते से नाराज होकर वह घर छोड़कर राजस्थान चली गई। लेकिन, यह बात लड़केवालों को पसंद नहीं आई और उन्होंने युवती के भाई को ही बंधक बना लिया। जिसके बाद युवती के पिता के सामने यह मांग रख दी कि लड़की दो और लड़का ले जाओ या फिर झगड़ा प्रथा (शादी नहीं करने के एवज में पैसा) दो। मामले में पुलिस से शिकायत के बाद चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मामला मध्य प्रदेश के गुना से जुड़ा है। यहां आरोन क्षेत्र के मरेठिया गांव निवासी बापूलाल (55) पिता अमर सिंह ने लगभग डेढ़ माह पहले अपनी बेटी की शादी सावन भादौ गांव के फूल सिंह के लड़के से तय की थी। लेकिन, इस रिश्ते के तय होने के बाद युवती घर पर बिना बताए कहीं चली गई। पता चला कि वह राजस्थान की ओर गई है।

लड़के वालों को मिली जानकारी

युवती के पिता ने बताया कि कहीं से लड़के के परिवार को इसकी जानकारी मिल गई। जिसके बाद फूल सिंह अपने रिश्तेदारों रमेश, पूरन, सुल्तान, करण सिंह, मोहर सिंह के साथ घर पहुंचे। उन्होंने मेरे बेटे शिवराज से कहा कि गौमुख सिद्ध बाबा के पास पंचायत में चलना है। इसके बाद वे मेरे बेटे को फूल सिंह के घर ले गए। उन्होंने मेरे बेटे को बंधक बना लिया और समाज के लोगों से संदेशा भिजवाया कि जब तक उन्हें लड़की नहीं मिलेगी, वे लड़के को नहीं लौटाएंगे।

झगड़ा प्रथा के तहत रिश्ता तोड़ने की मांग

बापूलाल का कहना है कि उसने बेटे को छुड़ाने की गुहार पंचायत से भी लगाई। कुछ दिनों बाद तो फूल सिंह ने पंचायत मे आना ही बंद कर दिया। वह बोला कि ऐसे लड़का नहीं देगा। या तो लड़की लाकर दो या झगड़ा प्रथा के तहत रिश्ता तोड़ो। जब सारी कोशिशों के बाद भी बेटे को नहीं छोड़ा गया तो युवती के पिता ने लड़के के परिवार के 6 लोगों पर अपहरण का मामला दर्ज करवाया। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने सावन भादौ गांव में दबिश देकर बापूलाल के लड़के को छुड़ाया, हालांकि आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इस दौरान पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें रमेश भील (35), पूरन भील (42), मोहर सिंह (45) और सुल्तान (42) शामिल निवासी सावन भादौ शामिल हैं

सालों से चली आ रही कुप्रथा है झगड़ा तोड़ो

मध्यप्रदेश के मालवांचल में 'झगड़ा' की मूल जड़ बाल विवाह है। बचपन में ही लड़की की शादी कर दी जाती है। बालिग होने पर बच्चियों को ससुराल भेजा जाता है। अब अगर ऐसे में लड़की ससुराल जाने से इनकार कर दे या लड़का ही लड़की को रखने से मना कर दे तो दोनों ही स्थिति में आफत लड़कीवालों पर टूटती है। रिश्ता खत्म करने के बदले लड़केवाले पंचायत बुलाकर मोटी रकम मांगते हैं। लड़कीवालों पर दबाव बनाने के लिए लड़केवाले लड़की के गांव में फसलों और घरों में आग तक लगा देते हैं। ये छूट उन्हें समाज की पंचायत ही देती है। इतना ही नहीं, गांव के जिन लोगों का नुकसान होता है, वो भी लड़केवालों की पैरवी करते हैं और अपने नुकसान की भरपाई लड़कीवालों से ही मांगते हैं। 

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