स्मार्ट सिटी में चयनित क्षेत्र से बाहर की सड़कों को कैसे मिली मंजूरी? कमिश्नर ने लिखी सरकार को चिट्ठी

स्मार्ट सिटी में चयनित क्षेत्र से बाहर की सड़कों को कैसे मिली मंजूरी?  कमिश्नर ने लिखी सरकार को चिट्ठी

PATNA: बिहार की विडंबना है चाहे स्मार्ट सिटी बनाना हो या स्मार्ट गांव गड़बड़झाला करने वाले लोग पहले से तैयार बैठे रहते हैं। जी हां पटना को स्मार्ट सिटी बनाया जा रहा है लेकिन ऐसे स्मार्ट सिटी में भी कुछ ऐसा खेल खेला गया की कमिश्नर साहब भी भाववाचक रह गए। कमिश्नर साहब जब स्मार्ट सिटी के कार्यों की समीक्षा करने बैठे उन्हें पता चला यह स्मार्ट सिटी के नाम पर पटना के ही कुछ अफसरों ने गलत ढंग से मनमानी करते हुए चयनित क्षेत्र से बाहर भी काम करवाना शुरू कर दिया है।

 पटना के कमिश्नर आनंद किशोर हैरान है कि कैसे बिना किसी स्वीकृति के चयनित क्षेत्रों से बाहर की 8 सड़कों को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का हिस्सा बना दिया गया। खुद आनंद किशोर ने स्मार्ट सिटी योजना पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार को पत्र भेजकर इसमें हो रही गड़बड़ी से अवगत कराया है। वहीं मार्गदर्शन मांगा है कि इस तरह से गड़बड़ करने वाले अफसरों का क्या किया जाए।

 बता दें कि देश के 100 स्मार्ट सिटी में पटना समेत बिहार के चार शहरों को शामिल किया गया है। जिसमें पटना,बिहार शरीफ, मुजफ्फरपुर और भागलपुर शामिल है। बता दें की राजधानी रहते हुए स्मार्ट सिटी योजना के तहत पटना को तीसरे चरण में शामिल किया गया था। स्मार्ट सिटी योजना की समीक्षा करने जब पटना के कमिश्नर और स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अध्यक्ष आनंद किशोर बैठे तो उन्हें हकीकत का पता चला कि कैसे स्मार्ट रोड नेटवर्क के तहत कुल कितने सड़कों को अनुमति मिली थी और कितने सड़कों को गड़बड़झाला कर शामिल कर दिया गया।


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