नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में पटना में पूछताछ को पेश हुई एक और छात्रा, EOU पता लगा रही सॉल्वर गिरोह से संपर्क का राज
पटना. नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में बिहार की एक और छात्रा से पूछताछ की गई है. ईओयू द्वारा भेजे गए नोटिस के जवाब में पहली उम्मीदवार के तौर पर ईशा भारती सामने आई है. बुधवार को वह ईओयू दफ्तर पहुची. नीट पेपर में धांधली को लेकर बिहार पुलिस और ईओयू लगातार जांच कर रही है इस मामले में अब तक 13 परीक्षार्थी के रोल कोड मिले हैं. इनमें से चार अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया जा चूका है. पुलिस ने शेष 9 अभ्यर्थी को नोटिस भेजा है. इसी क्रम में ईशा भारती पूछताछ के लिए पहुंची.
बताया जा रहा है कि पटना स्थित सगुना मोर के पास ईशा भारती नामक परीक्षार्थी का एग्जामिनेशन सेंटर था. वहीं उसने परीक्षा दी थी. ईशा भारती पटना के ही बख्तियारपुर की रहने वाली बताई जा रही है. सूत्रों का कहना है कि सॉल्वर गिरोह से सम्पर्क की आशंका और उससे जुड़े तारों को ईओयू खंगाल रही है. इसी को लेकर ईशा भारती से पूछताछ की गई है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि परीक्षार्थियों व उनके अभिभावकों से सॉल्वर गिरोह से कैसे सम्पर्क में आये थे. इसमें और किन लोगों की संलिप्तता है.
EOU के DIG मानवजीत सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में पूरी जाँच चल रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि संदिग्ध परीक्षार्थियों को सॉल्वर गिरोह ने परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र रटवाए थे या नहीं. गौरतलब है कि नीट परीक्षा को लेकर बिहार में धांधली की खबरें आई थी. पेपर लीक के तार अलग अलग जगहों से जुड़े होने की खबर आई. इस बीच कुछ लोगों की गिरफ्तारी और उनके पास मिले रोल कोड से पूरे मामले में हडकंप मच गया. वहीं जब नीट 2024 का परिणाम आया तो उसमें एक साथ कई टॉपर आने से पेपर लीक और धांधली की खबरों को और ज्यादा बल मिला.
यहां तक कि अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में कड़ी फटकर लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन पहले ही कहा था कि अगर 0.01 फीसदी भी हेरफेर हुआ है तो इस परीक्षा को रद्द किया जाना चाहिए. देश के करीब 25 लाख छात्रों का भविष्य अंधकार में फंसा हुआ है.
पटना से अनिल की रिपोर्ट