CDS नहीं, COSC बनेंगे आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे, रक्षा मंत्रालय जल्द कर सकता है ऑफिशियल पुष्टि

CDS नहीं, COSC बनेंगे आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे, रक्षा मंत्रालय जल्द कर सकता है ऑफिशियल पुष्टि

DESK : पिछले सप्ताह तमिलनाडू के कुन्नूर में हुए दर्दनाक हेलिकॉप्टर में भारत के पहले सीडीएस विपीन रावत के निधन के बाद अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी कि अब यह जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी। इनमें सबसे ऊपर भारत के आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे का चल रहा था। लेकिन, अब रक्षा मंत्रालय से यह खबर सामने आई है कि जनरल नरवणे को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS)  नहीं, बल्कि चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (COSC) का चेयरमैन बना दिया गया है। हालांकि अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। 

सीडीएस पर नरवणे का दावा मजबूत

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों की मानें विपीन रावत के निधन के बाद रिक्त हुए सीडीएस के पद पर नई नियुक्ति को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं दिखाना चाहता है। यही कारण है कि नए CDS को लेकर अभी कोई चर्चा नहीं हुई है। लेकिन जनरल नरवणे को तीनों सेनाओं के प्रमुखों में सबसे सीनियर होने के कारण COSC चेयरमैन बनाया गया है और इससे उनका अगला CDS बनने का दावा और ज्यादा मजबूत हो गया है।

IAF प्रमुख एयरचीफ मार्शल वीआर चौधरी ने 30 सितंबर को, जबकि नेवी चीफ एडमिरल आर. हरी कुमार ने अपना पद 30 नवंबर को संभाला था। इसके उलट जनरल नरवणे को सेना प्रमुख बने करीब दो साल का वक्त हो चुका है। 61 वर्षीय जनरल नरवणे ने जनरल बिपिन रावत के रिटायरमेंट और देश के पहले CDS के तौर पर प्रमोशन के बाद 31 दिसंबर, 2019 को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) यानी सेना प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली थी।

सीडीएस के पद बनने से पहले COSC नियुक्ति का था नियम

COSC तीनों सेनाओं के प्रमुखों की मौजूदगी वाली कमेटी है, जो तीनों सेनाओं के बीच अभियानों व अन्य मुद्दों को लेकर कोऑर्डिनेशन बनाए रखने का काम करती है। जनरल नरवणे को उसी पुरानी परंपरा के तहत COSC चेयरमैन बनाया गया है, जो CDS का पद बनाए जाने से पहले लागू थी। इस परंपरा के तहत तीनों सेनाओं के प्रमुखों में से सबसे सीनियर अधिकारी को COSC चेयरमैन नियुक्त किया जाता था।

जनरल रावत का हुआ था हादसे में निधन

देश के पहले CDS जनरल बिपिन रावत का 8 दिसंबर को हेलिकॉप्टर क्रैश के दुखद हादसे में उस समय निधन हो गया था, जब वे अपनी पत्नी और 12 अन्य सैन्य अफसरों के साथ तमिलनाडु के कुन्नूर में एक कार्यक्रम में जा रहे थे। उनका MI-17V5 हेलिकॉप्टर उतरने की जगह से महज 7 किलोमीटर पहले अचानक जंगलों में गिर गया। इस हादसे में जनरल रावत, उनकी पत्नी सहित 13 लोगों की मौत हो गई थी, एकमात्र बचे ग्रुप कैप्टेन वरुण सिंह ने भी बीते बुधवार को दम तोड़ दिया।

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