अरेस्ट होगा 'भ्रष्ट' अफसरः पूर्व EO की गिरफ्तारी के आदेश, CM की सख्ती पर हुआ था निलंबित...SVU ने छापेमारी में पकड़ी थी करोड़ों की संपत्ति

अरेस्ट होगा 'भ्रष्ट' अफसरः पूर्व EO की गिरफ्तारी के आदेश, CM की सख्ती पर हुआ था निलंबित...SVU ने छापेमारी में पकड़ी थी करोड़ों की संपत्ति

PATNA: सुशासन राज में एक भ्रष्ट अफसर का आतंक था। वह न सिर्फ सरकारी राशि को दोनों हाथ से लुट रहा था बल्कि विरोध करने वालों को माफियाओं से मिलकर ठिकाने लगाने में भी जुटा था। भ्रष्ट अफसर के रौब के आगे जनप्रतिनिधि भी विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। लेकिन एक शख्स ने बेलगाम व भ्रष्ट अफसर की हैसियत बता दी। बता दिया कि न्याय में देर है अंधेर नहीं। करोड़ों के घोटालेबाज अफसर को पहले सस्पेंड किया गया फिर स्पेशल विजिलेंस का छापा पड़ा।अब पुलिस ने गिरफ्तारी के आदेश दिये हैं।  

जनता दरबार में CM नीतीश के सुशासन की पिटी थी भद्द

अगस्त 2021 में कैमूर नप के पूर्व सभापति ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दरबार में सुशासन राज की पोल खोल दी थी। फरियादी ने कहा था कि कैमूर नप के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव ने सरकार के करोड़ों रू डकार गये। डीएम ने जांच कराई और कार्रवाई की सिफारिश विभाग से की। लेकिन नगर विकास विभाग फाइल को दबाये बैठा है। फरियादी ने सीएम नीतीश से पूरे मामले की जांच निगरानी से कराये जाने की मांग की। सुशासन पर सवाल खड़े करने पर सीएम नीतीश ने कहा कि मामला गंभीर है । हम इस मामले में तुरंत एक्शन लेंगे। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि तत्काल इस मामले को देखें और कार्रवाई करें। सीएम के सख्त रूख के बाद विभाग हरकत में आया और 2 दिनों में ही भभुआ नप के तत्कालीन भ्रष्ट ईओ अनुभूति श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया. नगर विकास एवं आवास विभाग, की तरफ से कार्रवाई की गई. फिर कुछ दिनों बाद ही भ्रष्ट अफसर के ठिकानों पर विशेष निगरानी इकाई ने पटना समेत उत्तरप्रदेश के ठिकानों पर छापेमारी की जिसमें करोड़ों की अवैध संपत्ति का पता चला। 

गिरफ्तार होगा भ्रष्ट अफसर

अब उस भ्रष्ट अफसर अनुभूति श्रीवास्तव की गिरफ्तारी के आदेश दिये गये हैं। भभुआ नगर परिषद के पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव एवं कनीय अभियंता राहुल कुमार को पुलिस ने गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं. संवेदक वेद प्रकाश को घर पर बुलाकर जहर देने के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार करने का आदेश दिया है. भभुआ एसडीपीओ ने उस मामले में एफएसएल की रिपोर्ट आने के बाद यह आदेश जारी किया है. बता दें कि संवेदक वेद प्रकाश ने 1 जून 2020 को अनुभूति श्रीवास्तव द्वारा उन्हें घर पर बुलाकर नींबू-पानी में जहर मिला देने का परिवाद पत्र न्यायालय में दायर किया था. कोर्ट के आदेश पर भभुआ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. एसडीपीओ के स्तर से जांच में मामला सही पाए जाने के बाद गिरफ्तारी का आदेश दिया गया है. अब शिकायतकर्ता ने एसपी को आवेदन देकर जल्द से जल्द अनुभूति श्रीवास्तव एवं उसके सहयोगी कनीय अभियंता राहुल की गिरफ्तारी की गुहार लगाई है. संवेदक का आरोप था कि कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव की पत्नी नलिनी प्रकाश के साथ मिलकर हमने कंपनी बनाई थी. इसके बाद कंपनी का पैसा हड़पने के लिए हमें नींबू-पानी में जहर मिलाकर मारने की साजिश रची गई। इस साजिश में कैमूर के तत्कालीन ईओ अनुभूति श्रीवास्तव के साथ सहयोगी के तौर पर जेई राहुल कुमार शामिल था। 

पूर्व सभापति की शिकायत पर हुई थी कार्रवाई

बता दें कि तत्कालीन ईओ के कार्यकाल के दौरान करोड़ों रुपये के घोटाला होने का आरोप लगाते हुए पूर्व सभापति बजरंग बहादुर सिंह उर्फ मलाई सिंह काफी दिनों से कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। तत्कालीन डीएम डा नवल किशोर चौधरी के यहां आवेदन देकर जांच कराने की मांग की थी। तब गठित टीम द्वारा जांच की गई। जांच प्रक्रिया जारी रहने के दौरान ही कैमूर जिले से अनुभूति श्रीवास्तव का स्थानांतरण हाजीपुर हो गया। मामला शांत होते देख पूर्व सभापति ने सीएम के जनता दरबार में पहुंच कर नीतीश कुमार से कार्रवाई की मांग की थी। जनता दरबार में सुनवाई के बाद दो दिन में ईओ को निलंबित कर दिया गया। निलंबन के कुछ दिन बाद ही जांच एजेंसी ने भ्रष्ट अफसर के ठिकानों पर छापेमारी की थी। 

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