भागलपुर बाल गृह के पूर्व अधीक्षक गिरफ्तार, टिस की रिपोर्ट के बाद दर्ज हुआ था केस

भागलपुर बाल गृह के पूर्व अधीक्षक गिरफ्तार, टिस की रिपोर्ट के बाद दर्ज हुआ था केस

BHAGALPUR : सूबे में बालिका गृह यौन शोषण का मामला उजागर होने के बाद सरकार की काफी भद पिटी थी। अब सरकार अपनी छवि को बदलने के प्रयास में जुटी है। टिस की ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद अब गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरु हो गई है। इसी सिलसिले में आज भागलपुर बाल गृह के तत्कालीन अधीक्षक प्रदीप शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। प्रदीप को जीरो माइल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रविवार को प्रदीप शर्मा को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलायाथा। प्रदीफ शर्मा सजौर के राधानगर का रहने वाला है। 

बताते चले कि टीआईएसएस के सोशल ऑडिट में बाल गृह की कई खामियां उजागर हुई थीं। इसके बाद 18 जुलाई को बाल गृह के संचालक और अन्य जिम्मेदारों पर केस दर्ज कराया गया था। सोशल ऑडिट सितंबर 2017 में हुआ था। उस समय बाल गृह के अधीक्षक प्रदीप शर्मा थे। ऑडिट में बच्चों ने खुलासा किया था कि अधीक्षक बाल गृह के भीतर पीटते हैं। वहां के अधीक्षक, गृह पिता और केयर टेकर समेत अन्य कर्मियों पर मारपीट, प्रताड़ना और वित्तीय अनियमितता संबंधी आरोप लगा था। 

सोशल ऑडिट में बाल गृह के खाना-पान, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में संस्था की कई खामियां उजागर हुई थी। वहां लगे शिकायत पेटी में बच्चों द्वारा लिखी गई करीब दो दर्जन चिठ्ठियां मिली थी, जिसमें बाल गृह के कारनामों का खुलासा किया गया था। 

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