शताब्दी समारोह को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने की प्रेस सलाहकार समिति की बैठक, दिए कई निर्देश

शताब्दी समारोह को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने की प्रेस सलाहकार समिति की बैठक, दिए कई निर्देश

PATNA : बिहार विधान सभा भवन के सौ साल 2021 में पूरे हो गये हैं। इस दौरान 1921 से 2021 के बीच सदन ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिया, जिसका साक्षी बिहार विधान सभा का यह भवन है। जन आकांक्षाओं के मूर्तिमानस्वरूप इस बिहार विधान सभा भवन का शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। इस भवन का डिजाईन प्रख्यात वास्तुविद् ए०एन० मिलवुड ने तैयार किया था। इतालवी पुनर्जागरण शैली रेनेंसा आर्किटेक्चर में बनी यह इमारत कई मायनों में खूबसूरती को समेटे हुए है जो इसे विशिष्ट बनाता है। इसमें समानुपातिक गणितीय संतुलन के साथ ही सादगी और भव्यता का समन्वय है। लंबे-लंबे गोलाकार स्तम्भ और अर्धवृत्ताकार मेहराब इसकी विशेषता हैं जो प्राचीन रोमन शैली से प्रभावित है इस आयताकार भवन में समरूपता का विशेष ख्याल रखा गया है। भवन के अगले हिस्से में जो प्लास्टर है, उसमें एक निश्चित अंतराल पर कट-मार्क हैं जो इसे बेहद खूबसूरत बनाते हैं और दूसरी संरचनाओं से इसे अलग भी करते हैं। विधान सभा का सभा कक्ष अर्धगोलाकार शक्ल में बना है इसकी आंतरिक संरचना 60 फीट लंबी और 50 फीट चौड़ी है। 

इसका विस्तार इमारत की दोनों मंजिलों में है 7 फरवरी, 1921 वह ऐतिहासिक दिन है, जिस दिन इस भवन में काम प्रारम्भ हुआ। शताब्दी वर्ष की शुरूआत करने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 21 अक्टूबर को पटना पधारेंगे और विधायकों पूर्व विधायकों, सांसदों, पूर्व सांसदों सहित लोगों को संबोधित करेंगे। बिहार विधान सभा न सिर्फ लोकतंत्र का मंदिर है, बल्कि यह हमारी विरासत और धरोहर है। 7 अक्टूबर से माता दुर्गा की आराधना के लिए कलश स्थापना हो रही है। इस दिन से शताब्दी वर्ष के बारे में समाचारों का प्रकाशन हो इससे अच्छी बात कुछ नहीं हो सकती है। शताब्दी वर्ष में मां दुर्गा हमें शक्ति प्रदान करें कि हम जिस आकांक्षा को लेकर सामाजिक सुधार से संबंधित मुक्त युक्त सम्मान कार्यक्रम को चलाना चाहते हैं उसकी पूर्ति हो सके। यह बातें बिहार विधान सभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने बिहार विधान सभा के प्रेस सलाहकार समिति के साथ इस समारोह की तैयारियों के लिए आयोजित बैठक के दौरान कही। सिन्हा ने कहा कि इस समारोह की सफलता हेतु उनकी अध्यक्षता में एक संचालन / प्रबंधन समिति का गठन किया गया है, जिसके संयोजक विस के उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी होंगे। बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, रेणु देवी, संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री आलोक रंजन, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव, बिहार विधान सभा के सदस्य जीतन राम मांझी, अजीत शर्मा और महबूब आलम इस समिति के सदस्य होंगे। इस कार्यक्रम के दौरान बिहार विधान सभा परिसर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद स्मृति स्वरूप शताब्दी स्तंभ का शिलान्यास तथा बोधि वृक्ष का पौधा लगाया जायेगा। राष्ट्रपति के सम्मान में उनके सरकारी आवास पर रात्रि भोज तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा।

इस बैठक के पूर्व इस कार्यक्रम की तैयारियों के लिए बिहार विधान सभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। बिहार विधान परिषद् के कार्यकारी सभापित अवधेश नारायाण सिंह, बिहार विधान सभा के उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी, बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, बिहार के मुख्य सचिव त्रिपुरारि शरण, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के सचिव वंदना प्रेयसी उपस्थित थी।

पटना से विवेकानंद की रिपोर्ट

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