झारखंड में जारी सियासी संकट पर विधानसभा स्पीकर का बड़ा बयान, हेमंत सरकार को झेलने पड़ेगी कैसी मुसीबत हो गया साफ

झारखंड में जारी सियासी संकट पर विधानसभा स्पीकर का बड़ा बयान, हेमंत सरकार को झेलने पड़ेगी कैसी मुसीबत हो गया साफ

रांची. झारखंड में जारी सियासी घटनाक्रम के बीच विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। विशेष सत्र 5 सितंबर दिन सोमवार को आहूत किया जाएगा। इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो का बयान सामने आया। जिसमें उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान होने वाले कामकाज के बारे में जानकारी दी। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने बताया कि पार्टियों की संख्या के आधार पर सरकारें बनती हैं... पिछले सत्र में जो काम अधूरा रह गया था, उसे पूरा करने के लिए एक दिवसीय विधानसभा सत्र बुलाया जा रहा है। झारखंड में कोई राजनीतिक संकट नहीं है।

दरअसल, विधानसभा अध्यक्ष दावा कर रहे हैं कि झारखंड में कोई राजनीतिक संकट नहीं है लेकिन यूपीए गठबंधन के 4 मंत्री समेत 30 से अधिक विधायकों ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपना डेरा जमाया हुआ है। जबकि यूपीए के कुछ विधायकों ने हाल ही में राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात की थी।

गौरतलब है कि खनन पट्टा आवंटन मामले में चुनाव आयोग ने हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की थी लेकिन अभी तक राज्यपाल ने कोई भी फैसला नहीं सुनाया है। सियासी घटनाक्रम के बीच में हेमंत सोरेन ने गुरुवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई थी। जिसमें 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी। इसमें पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने से जुड़ा मामला भी शामिल है। 

पुरानी पेंशन योजना एक अप्रैल, 2004 को बंद कर दी गई थी और इसके स्थान पर राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) लागू कर दी गई थी। ऐसे में कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन योजना लागू हो गई।


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