महिला की जाति पूछकर पुलिस मार रही है, ब्रिटिश हुकूमत में भी ऐसा नहीं होता था : सांसद सीपी ठाकुर

NAWADA : महिला की जाति पूछकर पुलिस मार रही है। ब्रिटिश टाइम में भी ऐसा नहीं होता था। बिहार में हम पहली बार ऐसा देख रहे हैं। अंग्रेजों से भी बदतर हो गयी है सरकार। यह कहना है पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. सीपी ठाकुर का। 

उनका कहना है कि मैं कोई राजनीतिक लाभ लेने के लिए बयानबाजी नहीं करता हूं। जो देखता हूं वही बोलता हूं। पुलिस किसी को भी जाति पूछकर मारे यह ठीक नहीं है। डॉ ठाकुर पुलिसिया बर्ताव से खासे नाराज दिखे। डॉ. ठाकुर ने कहा कि सवर्णों द्वारा भारत बंद के दौरान पुलिस-प्रशासन द्वारा बेरहमी से लोगों की पिटाई की गयी। इसे कहीं से भी जायज नहीं ठहराया जा सकता। 6 सितंबर को पुलिस के द्वारा की गई बर्बरता पूर्ण कार्य अंग्रेजों की याद को ताजा कर देती है। 

बेलागंज के चितौरा गांव में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज कर बच्चे एवं महिलाओं को पीटा गया तथा छोटे-छोटे बच्चों को हवालात में बंद कर दिया गया। यह ब्रिटिश हुकूमत की याद दिलाती है। उन्होंने इस पूरे कृत्य के लिए सरकार को दोषी ठहराया।

इसके अलावा पूर्व केन्द्रीय मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता पद्मश्री डा. सी.पी ठाकुर ने कहा कि आर्थिक आधार पर सामान्य वर्ग के लोगों के भी आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। आजादी के बाद से पहले जमींदारी साफ हो गयी। जमीन भी चली गयी। लैंड सिलिंग हो गया इसलिए गरीब सवर्णों को भी आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। 

वे शुक्रवार को नारदीगंज व हिसुआ में नुक्कड़ सभा को सम्बोधित करने के बाद नवादा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। नवादा परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा के जिलाध्यक्ष शशिभूषण सिंह बबलू उपस्थित थे। उनके नेतृत्व में डा. ठाकुर का भव्य स्वागत किया गया।



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