धनकुबेरों पर प्रहारः निगरानी ब्यूरो ने 2022 में अफसरों को 19 लाख रू रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, लपेटे में धनकुबेर इंजीनियर से लेकर अन्य सरकारी सेवक शामिल

धनकुबेरों पर प्रहारः निगरानी ब्यूरो ने 2022 में अफसरों को 19 लाख रू रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, लपेटे में धनकुबेर इंजीनियर से लेकर अन्य सरकारी सेवक शामिल

PATNA: बिहार में 2022 में निगरानी ब्यूरो ने भ्रष्ट अधिकारियों-कर्मियों के खिलाफ ताबड़तोड़ छापेमारी की है। एक तरफ निगरानी ब्यूरो आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज कर कार्रवाई में जुटी रही तो दूसरी तरफ सरकारी सेवकों को रिश्वत लेते भी गिरफ्तार भी किया गया। कई बड़े अधिकारियों को रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार किया गया। निगरानी ब्यूरो ने 2022 में 19 लाख रू से अधिक रू रिश्वत लेते पकड़ा है। 

पटना पुलिस का सिपाही ले रहा था4.5 लाख रू

मुजफ्फरपुर के मुसहरी अंचल के राजस्व कर्मचारी अजीत कुमार को 50000 हजार रू लेते गिरफ्तार किया गया . समस्तीपुर के सरायरंजन के दरोगा उमेश प्रसाद सिंह को 30000 रू घूस लेते गिरफ्तार किया गया. पश्चिम चंपारण के बगहा आईसीडीएस कार्यालय के लिपिक शंभू पांडे को ₹25000 रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया. पूर्णिया के श्रीनगर अंचल के नाजिर विकास कुमार को ₹10000 लेते अरेस्ट किया गया. पटना पुलिस के परिवहन शाखा के मुंशी दीपक कुमार सिंह को साढ़े चार लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया.

गया जिले के टनकुप्पा स्वास्थ्य केंद्र के लिपिक सुनील कुमार को ₹55000 रिश्वत लेते धरा गया. भोजपुर के उदवंतनगर चकबंदी कार्यालय के लिपिक अजीत कुमार को ₹2500 रू, जहानाबाद जिले के घोसी थाने के अवर निरीक्षक उपेंद्र प्रसाद मेहता को 10000 रू लेते हुए धऱा गया. औरंगाबाद ग्रामीण कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अरुण कुमार को 50000 रू एवं रोकड़ पाल राकेश कुमार सुमन को 10000 रू लेते गिरफ्तार किया गया. कैमूर खनन कार्यालय के लिपिक रंजीत कुमार को एवं चपरासी सरफुद्दीन को 100000 रू रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया.

समस्तीपुर के खानपुर प्रखंड के आपूर्ति पदाधिकारी प्रिया सत्संगी एवं सरायरंजन के आपूर्ति पदाधिकारी राजीव कुमार को ₹55000 रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया. पटना के फतुहा के सहायक विद्युत अभियंता कार्यालय की लाइनमैन सुबोध कुमार को 15000 रू लेते गिरफ्तार किया गया. सारण के मढौरा के दारोगा प्रभाकर भारती को रिश्वत के रूप में गाड़ी में 26751 रू का सामान बदलवाते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया. पश्चिम चंपारण के गौनाहा आईसीडीएस की पर्यवेक्षिका रेनू कुमारी के पति राजेश कुमार गुप्ता को 13500 रू रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया. त्रिवेणीगंज ग्रामीण कार्य विभाग के सहायक अभियंता हेम चंद्र लाल कर्ण एवं कनीय अभियंता फुलेश्वर रजक को 1 लाख 2000 रू लेते गिरफ्तार किया गया. औरंगाबाद के स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के सहायक अभियंता सीताराम सहनी को 40000 रू रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया. पटना के दनियावां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रधान लिपिक अजय प्रसाद को 18000 रू लेते धरा गया.

पटना के धनरूआं के आवास सहायक रूपेश कुमार को ₹12000 रिश्वत लेते धरा गया .समस्तीपुर के सरायरंजन विद्युत प्रमंडल कार्यालय के सहायक विद्युत अभियंता सुनील कुमार को 3000 लेते गिरफ्तार किया गया. मोकामा के दरियापुर पंचायत के ग्रामीण आवास सहायक राजेश कुमार को 15000 रू लेते हुए अरेस्ट किया गया. वैशाली के लालगंज के इतवारपुर सिसौला के मुखिया दिनेश महतो को 216000 रू धरा गया. जहानाबाद के काको अंचल के अंचलाधिकारी दिनेश कुमार को 100000 रू रिश्वत लेते हुए धरा गया.

पटना में विद्युत कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार को 200000 रू रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया. विशेष सर्वेक्षण कानूनगो बरबीघा संजीत कुमार एवं अमीन छोटे लाल सोनी को ₹70000 रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया. पूर्णिया के सदर थाना के अवर निरीक्षक लालजी राम को 10000 रू लेते गिरफ्तार किया गया. सीतामढ़ी के ड्रग इंस्पेक्टर नवीन कुमार को 200000 रू लेते गिरफ्तार किया गया. समस्तीपुर के ताजपुर थाने के अवर निरीक्षक विजय शंकर शाह को ₹10000 रू, मुजफ्फरपुर के मार्कन विद्युत आपूर्ति प्रशाखा के डाटा एंट्री ऑपरेटर अजीत कुमार सिंह को ₹6000 रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया. इसके अलावे पटना के केंद्रीय भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता संजीत कुमार को 2 लाख रू रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। इसके बाद इनके ठिकानों पर छापेमारी की गई जहां से एक करोड़ से अधिक की राशि मिली थी. गिरफ्तारी के बाद संजीत कुमार के खिलाफ डीए केस दर्ज हुआ है। ये तमाम आंकड़े सिर्फ रिश्वत लेते गिरफ्तारी की है. निगरानी ने एक दर्जन से अधिक धनकुबेर अधिकारियों के खिलाफ डीए केस किया है। 

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