पर्व-त्योहार में 'बिल्डर' के लुभाने वाले प्रचार से बचेंः 'यूथ होम्स' ने बिना निबंधन ही 'न्यूयार्क हैमलेट में 'बुकिंग' को लेकर शुरू किया था प्रचार, तब RERA ने मंसूबों पर फेरा था पानी

पर्व-त्योहार में 'बिल्डर' के लुभाने वाले प्रचार से बचेंः 'यूथ होम्स' ने बिना निबंधन ही 'न्यूयार्क हैमलेट में 'बुकिंग' को लेकर शुरू किया था प्रचार, तब RERA ने मंसूबों पर फेरा था पानी

पटनाः बिहार में बिल्डर ग्राहकों को धोखा देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। पर्व-त्योहार के मौके पर बिल्डर खूब प्रचार-प्रसार करते हैं। इनमें से वैसे बिल्डर भी प्रचार में पानी की तरह पैसा बहाते हैं जिनके प्रोजेक्ट का रेरा निबंधन भी नहीं हुआ होता है। हालांकि रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) लगातार वैसे बिल्डरों पर कार्रवाई भी कर रही है। अब तक कई बड़े बिल्डरों पर रेरा ने शिकंजा कसा है। बड़ी संख्या में अपार्टमेंट निर्माण पर रोक लगाई गई है ।पटना के यूथ होम्स डेवलपर्स भी इस साल वैसा काम किया था। बिल्डर ने निबंधन के लिए आवेदन दिया और इसी के साथ बुकिंग के लिए प्रचार-प्रसार व बुकिंग भी करने लगा था। इस पर रेरा ने स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रचार-प्रसार से लेकर बुकिंग तक पर रोक लगा दी। साथ ही फ्लैट-प्लॉट के निबंधन पर भी रोक लगा दी गई है। वह रोक अब तक जारी है।

यूथ होम्स डेवलपर्स कंपनी पर रोक जारी

 यूथ होम्स डेवलपर्स पर अपने निर्णय में रेरा ने कोई बदलाव नहीं किया है। यानी यूथ होम्स डेवलपर्स का बिहटा का प्रोजेक्ट न्यू यार्क हेमलेट पर प्रतिबंध जारी है। रेरा ने इस कंपनी के निदेशकों का खाता फ्रीज करने के साथ-साथ प्रोजेक्ट बिक्री पर रोक जारी रखा है। ग्राहक पूरी तरह से सचेत रहें और बिल्डर के झांसे में न आयें वरना पैसा डूब सकता है। रोक के 6 महीने हो गये फिर भी कंपनी ने रेरा के समक्ष पूर्ण कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। 

ग्राहक रहें सावधान-बिल्डर के झांसा में न आएं

 रेरा ने 1 अप्रैल 2021 को ही यूथ होम्स एंड डेवलपर्स पर सख्त कार्रवाई की थी। यह कंपनी निबंधन के लिए आवेदन देने के साथ ही बिक्री करने लगी। जोर-शोर से प्रचार किया जाने लगा। बिना निबंधन प्रोजेक्ट का प्रचार-प्रसार करने व बुकिंग करने को लेकर रेरा ने स्वतः संज्ञान लिया। रेरा ने कार्रवाई करते हुए 1 अप्रैल को अंतरिम आदेश जारी कर प्रचार-प्रसार पर रोक लगा दी थी। आदेश में कंपनी के साथ-साथ निदेशक पन्ना राज और निदेशक रिषभ सिन्हा का बैंक अकाउंट को तत्काल प्रभाव से फ्रीज करने का आदेश जारी किया था। साथ ही निबंधन आईजी को पत्र भेज  दानापुर,फुलवारीशरीफ और पटना के निबंधन पदाधिकारी से इस कंपनी के किसी फ्लैट या प्लॉट बिक्री पर रोक लगाने को कहा था। तब से इस कंपनी पर रोक जारी है। रेरा ने निबंधन के लिए सभी कागजात जमा करने का भी आदेश दिया था। लेकिन यूथ होम्स डेवलपर्स इस काम में विफल रहा है। लिहाजा कंपनी के फ्लैट-प्लॉट की बिक्री पर रोक आज तक जारी है। इधर खबर है कि रोक के बाद भी कंपनी प्लॉट का एग्रीमेंट कर रहा है। उस पर रेरा के रोक का असर नहीं हो रहा। इस संबंध में जब निदेशक रिषभ सिन्हा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि रेरा ने जो प्रतिबंध लगाये थे वो आज भी जारी है। बिक्री पर रोक व खाता आज भी फ्रीज है। 3 दिन पहले जब कंपनी के निदेशक रिषभ सिन्हा से पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि रेरा ने और कागजात मांगें हैं जिन्हें पूरा करने की कोशिश की जा रही है.   

पटना के हीरा पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट की खुल गई पोल

रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी (रेरा) ने तथ्य छिपाकर विवादित भूमि पर परियोजना का निबंधन कराने के मामले को लेकर सख्त आपत्ति जताई है।इसके बाद निबंधन आइजी को पत्र लिखकर कहा है कि वे इस परियोजना से जुड़े किसी भी फ्लैट व अपार्टमेंट का निबंधन न करने का निर्देश दें। रेरा ने कंपनी के निदेशक शरद केसरी को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न आपकी परियोजना का निबंधन रद कर दिया जाए और आर्थिक दंड लगाया जाए? इसको लेकर कंपनी से 30 दिनों में जवाब मांगा गया है।

जिस भूमि पर निबंधन, उसपर किसी और कंपनी का अनुबंध

रेरा ने हीरा पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी को नोटिस दिया है और 30 दिनों में जवाब दाखिल करने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर रेरा एकतरफा निबंधन रद्द कर देगा। नोटिस के अनुसार, कंपनी ने सिकंदरपुर मौजा की जिस भूमि पर अपने परियोजना का निबंधन कराया है, उस पर मालिक ने 2013-14 में ही दूसरी कंपनी अग्रणी होम्स प्राइवेट लिमिटेड से अनुबंध किया था। ऐसे में रेरा ने यह तथ्य छिपाने पर हीरा-पन्ना कंपनी से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। ऐसे में खरीदारी की प्रक्रिया में जुटे लोगों की चिंता बढ़ गई है। अब देखना है कि कंपनी के जवाब के बाद रेरा क्‍या कदम उठाता है। 

दो बिंदूओं पर शो-क़ॉज

अब रेरा ने इस जुर्म में हीरा-पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी के निदेशक से जवाब मांगा है। तीस दिनों में निदेशक शरद केसरी को जवाब देना होगा। रेरा ने दो बिंदूओं पर जवाब मांगा है। पहला यह कि क्यों न रेरा की धारा -7 के तहत तुरंत प्रभाव से प्रोजेक्ट के निबंधन को रद्द कर दिया जाए। दूसरा यह कि क्यों न इस आरोप में जुर्माना लगाया जाए? अगर कंपनी तय समय में जवाब दाखिल नहीं करती है तो निबंधन रद्द कर दिया जाएगा।

फ्लैट की बुकिंग पर रोक

इसके साथ ही रेरा ने कंपनी के प्रोजेक्ट में फ्लैट बिक्री-एग्रीमेंट पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है। इस संबंध में निबंधन आईजी को पत्र भेजा गया है और इस कंपनी के द क्राउन अपार्टमेंट की फ्लैट निबंधन करने से मना करने का निर्देश दिया है। 

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