बड़हिया में धूमधाम से निकाली गई भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा, कई जगहों पर श्रद्धालुओं ने की पूजा अर्चना

बड़हिया में धूमधाम से निकाली गई भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा, कई जगहों पर श्रद्धालुओं ने की पूजा अर्चना

LAKHISARAI : बड़हिया स्थित स्टेशन रोड में जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा ढ़ोल बाजे गाजे के साथ निकाली गयी. रथ पर भगवान श्रीकृष्ण,बलराम तथा सुभद्रा सवार थे. माना जाता है कि यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ का विशाल रथ खींचना, उनके भक्तों को सौभाग्य देता है. लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इस साल इस आयोजन को छोटा किया गया है. बता दें कि जगन्नाथ रथ यात्रा आज से प्रारंभ हो रही है, जिसका समापन 20 जुलाई को देवशयनी एकादशी के दिन होगा. 

जानिए क्या है इस यात्रा का महत्व

हिन्दू पंचांग के अनुसार हर साल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को जगन्नाथ रथ यात्रा निकाले जाने का विधान है. धार्मिक मान्यता है कि इस रथ यात्रा के दर्शन मात्र से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. रथ बड़हिया के जगन्नाथ मंदिर से निकल कर 3 किलोमीटर दूर लक्ष्मण ठाकुरबारी जाता है, जहां भगवान जगन्नाथ सात दिन विश्राम करके एकादशी की तिथि पर वापस घर लौटते हैं. कहा जाता है कि जो भी भक्त श्रद्धाभाव से रथ को खींचता है, उसे सौ यज्ञों के समान फल की प्राप्ति होती है.

जानिए क्या है रथ यात्रा का इतिहास

कहा जाता है कि स्नान पूर्णिमा यानी ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन जगत के नाथ श्री जगन्नाथ का जन्मदिन होता है. इस दिन प्रभु जगन्नाथ को बड़े भाई बलराम जी और बहन सुभद्रा के साथ रत्न सिंहासन से उतार कर मंदिर के पास बने स्नान मंडप में ले जाया जाता है. इसके बाद 108 कलशों से उनका शाही स्नान होता है. मान्यता यह भी है कि इस स्नान से प्रभु बीमार हो जाते हैं और उन्हें ज्वर आ जाता है. इसके बाद 15 दिनों तक उन्हें एक विशेष कक्ष में रखा जाता है. इन 15 दिनों में उन्हें मंदिर के प्रमुख सेवकों और वैद्यों के अलावा कोई और नहीं देख सकता. 15 दिनों के बाद भक्त उनका दर्शन कर सकते हैं.

रथयात्रा में शामिल श्रद्धालु

रथ यात्रा में महंथ रामसुजस दास के नेतृत्व में  सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालु रथ को खींचते हुए चल रहे थे. रथ जगन्नाथ मंदिर से निकलकर स्टेशन रोड, लोहिया चौक, श्रीकृष्ण चौक,जगदम्बा स्थान, हाहा बंगला आदि होते हुए लक्ष्मण मंदिर बिचली ठाकुरवाड़ी जाकर समाप्त हो गया. इस भव्य रथ  यात्रा को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर महिला एवं पुरूष श्रद्धालुओं की भीड़ जमा थी. श्रद्धालुओं ने रथ पर सवार भगवान जगन्नाथ के दर्शन किये. नगर भ्रमण के दौरान कई स्थानों पर भगवान की प्रतिमाओं की पूजा अर्चना की गयी तथा आरती की गयी. 

लखीसराय से कमलेश की रिपोर्ट

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