दिलचस्प मोड़ पर पहुंची बांका की लड़ाई, निर्दलीय प्रत्याशी ने दलीय प्रत्याशियों की उड़ाई नींद

PATNA : बिहार में पहले चरण का चुनाव समाप्त हो गया। अब सबकी निगाहें दूसरे चरण में होने वाली बिहार की पांच प्रमुख सीट भागलपुर, बांका, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार पर टिक गई है। दूसरे चरण का मतदान 18 अप्रैल को होना है। लेकिन बांका लोकसभा का चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प मोड़ में पहुंच गया है।

पिछली बार की बीजेपी उम्मीदवार पुतुल कुमारी निर्दलीय मैदान में

बांका लोकसभा सीट से 2014  के चुनाव में राजद के जयप्रकाश यादव ने बीजेपी उम्मीदवार पुतुल कुमारी को 10 हजार वोटों से शिस्त दी थी। 2014 में दूसरे नंबर पर रही पुतुल कुमारी इस बार बीजेपी से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय मैदान में उतर गई हैं। पुतुल के निर्दलीय मैदान में उतरने के बाद एनडीए की परेशानी बढ़ गयी है। स्व. दिग्विजय सिंह की पत्नी पूर्व सांसद पुतुल कुमारी ने एनडीए प्रत्याशी के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष रही पुतुल कुमारी ने टिकट नहीं मिलने पर बगावत करते हुए बांका से निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया है।

पुतुल कुमारी के निर्दलीय नामांकन दाखिल किए जाना एनड़ीए के घटक दल जेडीयू प्रत्याशी गिरधारी यादव के लिए परेशानी का सबब बन गया है। हालंकि पुतुल कुमारी को चुनावी मैदान से हटाने को लेकर बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन पूर्व सांसद पुतुल कुमारी मैदान से नहीं हटी। अंत में पार्टी विरोधी कार्रवाई को लेकर उन्हें छह साल से पार्टी से निष्कासित भी कर दिया है। फिर भी पुतुल कुमारी मजबूती से चुनाव मैदान मे डटी है। 

पूर्व सांसद खुद और अपनी बेटी श्रेयसी सिंह के साथ धुआंधार चुनाव प्रचार कर रहीं हैं। बताया जाता है कि पुतुल कुमारी के लिए भाजपा, जदयू सहित कई पार्टी के नेता गुपचुप तरीके से चुनाव प्रचार कर रहे हैं। खबर है कि पार्टी के कुछ असंतुष्टनेता तो प्रत्याशी पुतुल कुमारी और श्रेयसी के साथ घूमकर लोगों से वोट मांग रहे हैं। बताया जाता है कि पुतुल कुमारी सभी समाज के वोटरों के बीच जा रही हैं। लिहाजा बांका की लड़ाई काफी दिलचस्प हो गयी है। बांका इसबार त्रिकोणात्मक लड़ाई फंस गयी है। 

पुतुल के पति स्व दिग्विजय सिंह भी बतौर निर्दलीय पहुंचें थे संसद

बता दें कि यहां का संसदीय चुनाव का इतिहास भी गजब का रहा है। बागी प्रत्याशी पुतुल कुमारी के पति दिग्विजय सिंह बांका से तीन बार सांसद रहे थें। दो बार उन्होंने एनडीए प्रत्याशी (तब राजद में) गिरधारी यादव को पराजित किया था।तीसरी बार टिकट नहीं मिलनें पर 2009 में निर्दलीय चुनाव लड़े और जीत दर्ज की। उनकी मृत्यु के बाद उनकी पत्नी पुतुल कुमारी निर्दलीय चुनाव लड़ी और जीत दर्ज की।

2009 में दिग्विजय ने लड़ा था निर्दलीय चुनाव

पुतुल कुमारी के पति स्व. दिग्विजय सिंह को भी 2009 में भी बेटिकट कर दिया गया था। जदयू ने दिग्विजय सिंह को टिकट नही दिया था। तब उन्होनें बांका से निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। एक बार फिर से पुतुल कुमारी को टिकट काट दिया गया। लिहाजा वे भी निर्दलीय मैदान मे कूद गयी हैं। 

बांका के रण में राजद के जयप्रकाश नारायण यादव,जदयू से गिरधारी यादव और निर्दलीय पुतुल कुमारी चुनावी मैदान मे पूरी ताकत से डटे हैं। अब देखना होगा कि बांका के मतदाता किसके उपर अपनी कृपा बरसाते हैं।

विवेकानंद की रिपोर्ट 

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