पटना हाईकोर्ट में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नए संशोधन नियमावली को चुनौती, रिट याचिका दायर

पटना हाईकोर्ट में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नए संशोधन नियमावली को चुनौती, रिट याचिका दायर

PATNA : पटना हाईकोर्ट में ई-फाईलिंग द्वारा रिट याचिका दायर कर बार काउन्सिल ऑफ इंडिया के नये संशोधन नियमावली को चुनौती दी। इस याचिका को पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजेश कुमार दुबे ने दायर किया है। इस नये कानून के तहत बार काउन्सिल ऑफ इंडिया, बिहार बार काउन्सिल तथा उनके सदस्यों एवं न्यायालयों तथा न्यायाधीशों के विरूद्ध आलोचना या टिप्पणी करने को कदाचार माना गया है। 

यह कानून 25.06.2021 को गजट में अधिसूचित हुआ तथा 26.06.2021 को प्रकाशित हुआ है। श्री दुबे ने बताया कि यह कानून अधिवक्ताओं की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। यह संवैधानिक अधिकारों का सीधा-सीधा उल्लंघन है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अधिवक्ताओं के हितों की लड़ाई को लेकर बार काउन्सिल ऑफ इंडिया एवं बिहार बार काउन्सिल की गलत नीतियों का विरोध एवं आलोचना जारी रहेगी।

क्या है बार काउंसिल के नए संशोधन

बार कांउसिल के नए संशोधित नियमों मे यह  कहा गया है कि राज्य बार काउंसिल या बार काउंसिल आफ इंडिया के किसी सदस्य को या किसी भी अधिवक्ता को संबंधित राज्य बार काउंसिल या बार काउंसिल आफ इंडिया के किसी भी संकल्प या आदेश के खिलाफ, बार काउंसिल या उसके पदाधिकारियों अथवा सदस्यों के खिलाफ जानबूझकर अपमानजनक टिप्पणी करने की अनुमति नहीं है। राज्य बार काउंसिल का कोई भी सदस्य बार काउंसिल के निर्णय की आलोचना या अनावश्यक टीका टिप्पणी नहीं करेगा। कोई भी सदस्य या अधिवक्ता बार काउंसिल की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचाएगा। हालांकि नियमों में स्पष्ट किया गया है कि बिना किसी द्वेषभाव से की गई स्वस्थ आलोचना को कदाचार नहीं माना जाएगा

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