चौसा में संग्राम ! जमीन का सही मुआवजा को लेकर किसानों-मजदूरों का आंदोलन...प्रशासन पर आवाज को दबाने का आरोप, सांसद-विधायकों पर भी गंभीर सवाल

चौसा में संग्राम ! जमीन का सही मुआवजा को लेकर किसानों-मजदूरों का आंदोलन...प्रशासन पर आवाज को दबाने का आरोप, सांसद-विधायकों पर भी गंभीर सवाल

PATNA: बक्सर के चौसा में किसानों के आंदोलन को कुचलने की कोशिश की जा रही है। निर्माणाधीन ताप विद्युत परियोजना के लिए रेलवे कॉरिडोर की जमीन अधिग्रहण को लेकर भारी बवाल मचा है. प्रभावित किसान खेतिहर मजदूर मोर्चा की तरफ से 17 अक्टूबर से ही अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है. बुधवार को कुछ किसानों को हिरासत में लिए जाने के बाद विवाद बढ़ गया है। 

उचित मुआवजा को लेकर किसानों का प्रदर्शन 

किसान संघ ने 11 सूत्री मांग रखी है. किसान प्रतिनिधियों का आरोप है कि प्रशासन उनके आंदोलन को कुचलने में जुटा है। बुधवार को किसान प्रतिनिधियों को बातचीत के बुलाकर हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद उग्र किसान-मजदूरों ने  बक्सर सासाराम व चौसा मोहनिया मुख्य मार्ग को जाम कर प्रदर्शन किया। आज भी किसानों-मजदूरों का आंदोलन और सड़क जाम जारी है। किसानों का कहना है कि उन्हें जमीन के बदले उचित मुआवजा नहीं मिला है। 

किसानों का कहना है की रेल कॉरिडोर, वाटर पाइप लाइन के अतिरिक्त एवं अन्य व्यवसायिक प्रयोजन के लिए भू अर्जन प्रक्रिया में घोर अनियमितता की जा रही है. भूमि पर किसी तरह की गतिविधि तथा भूमि पर प्रवेश, सर्वेक्षण, टिलरिंग, रेखांकन इत्यादि कार्यों पर रोक लगाई जाए. मुख्य प्लॉट के लिए पूर्व में अर्जित भूमि के मुआवजा निर्धारण में गड़बड़ी, एसटीपीएल द्वारा भूस्वामियों को प्रति एकड 6 लाख रू कम राशि का भुगतान किया गया है। इसकी जांच कराते हुए अंतर राशि का भुगतान किया जाए. साथ ही अन्य ब्याज सहित राशि भूस्वामी को दिया जाए .

सांसद-विधायक को लेकर किसानों में भारी गुस्सा 

किसान संगठन ने स्थानीय सांसद-विधायकों की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किये हैं. किसानों का कहना है कि ऐसा लग रहा कि सांसद, विधायकों की मिलीभगत है। आँदोलन के 46 दिन हो गये एक बार एमपी, विधायक हालचाल लेने की भी जहमत नहीं उठाया। किसानों का कहना है कि पुलिस-प्रशासन नंगा नृत्य कर रहा है। पुलिसिया भय पैदा किया जा रहा है। लेकिन हमलोग दबने वाले नहीं है। बिहार के जाने-माने आरटीआई कार्यकर्ता शिवप्रकाश राय ने प्रशासन से कहा है कि गिरफ्तार किये गए किसानों को तुरंत रिहा किया जाय़। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसानों के साथ धोखा कर रहा। पुराने रेट से किसानों का भुगतान बहुत बड़ा अन्याय है। यह आपराधिक कृत्य माना जायेगा। 


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