नीतीश जी... अब ये भी हो रहा है ! बीडीओ ने एसडीएम रैंक के अधिकारी को पत्र लिखकर दिए जांच के आदेश, जानिए पूरा मामला...

नीतीश जी... अब ये भी हो रहा है !  बीडीओ ने एसडीएम रैंक के अधिकारी को पत्र लिखकर दिए जांच के आदेश, जानिए पूरा मामला...

डेस्क...  क्या एक प्रखंड विकास पदाधिकारी एसडीएम रैंक के अधिकारी को जांच करने का आदेश दे सकता है? प्रशासनिक प्रोटोकॉल में यह संभव नहीं है तथा इसे अमर्यादित कार्य समझा जाता है, लेकिन पटना जिले में तैनात एक प्रखंड विकास पदाधिकारी ने एसडीएम रैंक के अधिकारी को राशन कार्ड की पात्रता के आवेदन की जांच करने संबंधी आदेश देकर खलबली मचा दी है। 

हालांकि बीडीओ ने जिस अधिकारी को आदेश दिया है उसने कड़ी आपत्ती दर्ज कराई है। 9 जनवरी 2021 को फुलवारीशरीफ के प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा पटना नगर निगम के नूतन राजधानी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी के नाम से एक पत्र निर्गत किया गया है। 

दरअसल, आरटीपीसीआर के आधार माध्यम से कुछ लोगों का राशन कार्ड से संबंधित आवेदन प्राप्त हुआ है। राशन कार्ड सही है या नहीं, इसकी जांच के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा पटना नगर निगम के नूतन राजधानी अंचल के कार्यालय कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र भेजा गया है। पत्र में कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा गया है कि राशन कार्ड का सत्यापन करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी के कार्यालय में जांच रिपोर्ट जमा करें, नहीं तो उसकी पूरी जवाबदेही आपकी होगी।

पत्र में आगे कहा गया है कि जांच किन-किन बिंदुओं पर करनी है, उसे भी प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा द्वारा निर्देशित किया गया है। पटना नगर निगम के नूतन राजधानी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी प्रदेश के कई जिलों में एसडीएम रह चुके हैं तथा यह पद भी सीनियर डिप्टी कलेक्टर का है।

पत्र की आलोचना गैर जिम्मेदाराना बताया

अधिकारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा भेजे गए पत्र पर न केवल आपत्ति जाहिर की बल्कि पटना के प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुप पर भी डाल दिया। इसमें जिन बिंदुओं पर आपत्ति थी उस पर उक्त अधिकारी ने हाइलाइटर मार्कर भी लगा दिया है। पटना में तैनात कई सीनियर प्रशासनिक अधिकारियों ने भी प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा भेजे गए इस प्रकार के पत्र की आलोचना करते हुए इसे गैर जिम्मेदाराना बताया है।

इधर, प्रखंड विकास पदाधिकारी का कहना है कि मुझे याद नहीं है कि कौन सा पत्र मैंने भेजा है तथा उसमें क्या अंकित हो गया है। हालांकि कुछ अधिकारियों का कहना है कि यह लिपिकीय भूल हो सकती है तथा हस्ताक्षर करते समय प्रखंड विकास पदाधिकारी ने पत्र को नहीं देखा होगा। बहरहाल, एक पत्र के कारण रविवार को प्रशासनिक महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ था। 

आपत्ति दर्ज कराई

1. निगम के नूतन राजधानी अंचल कार्यालय कार्यपालक पदाधिकारी के नाम से पत्र निर्गत किया गया। 

2. राशन कार्ड का सत्यापन करते हुए कार्यालय में जांच रिपोर्ट जमा करने को कहा गया। 

3. अधिकारी ने पटना के प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुप पर पत्र में है लेटर मार्क लगा कर डाला। 

4. पटना में तैनात कई सीनियर प्रशासनिक अधिकारियों ने गैर जिम्मेदार ना बता कर निंदा की। 



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