बेबस बिहार: 13 जिलों में बाढ़ तो 22 में सुखाड़, हालात का जायजा लेंगे मंत्री,सौपेंगे रिपोर्ट

बेबस बिहार: 13 जिलों में बाढ़ तो 22 में सुखाड़, हालात का जायजा लेंगे मंत्री,सौपेंगे रिपोर्ट

PATNA : प्रकृति की मार ने बिहार को लाचार कर दिया है। बेबस किसान कुछ जिले में आसमान की ओर निहार रहे हैं तो कहीं बाढ़ ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है।

कहीं खेतों में दरारें फटी हैं तो कहीं इतना पानी भरा है की वह इंसान के मौत का कारण बन जा रहा है।

बता दें कि बिहार के 22 जिले जहां सूखे सुखाड़ की चपेट में बुरी तरह फंस गये हैं वहीं 13 जिले में बाढ़ अपना कहर जारी रखे हुए है। मौसम विभाग के अनुसार औसत से 2% अधिक बारिश होने के बावजूद मानसून का प्रभाव राज्य के सिर्फ 16 जिलों पर ही दिखा है।

अब तो रोपनी का समय भी बीत चुका है। कृषि वैज्ञानिकों की माने तो जुलाई के अंतिम सप्ताह तक धान की रोपनी समाप्त हो जानी चाहिये ।

बाढ़ और सुखाड़ की चपेट में फंसे किसानों की स्थिति काफी खराब है। पूरे प्रदेश में धान की रोपनी की स्थिति काफी बदतर है। धान की रोपनी आधे से भी कम हुई है,आठ जिलों में तो यह 20 प्रतिशत से भी कम है। सरकार के द्वारा बाढ़ और सुखाड़ में फंसे जिले के प्रभारी मंत्री को निर्देश दिया गया है की हालात का जायजा लेकर 7 अगस्त तक सरकार को रिपोर्ट सौपें।

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