पटना जू में बिहार के पहले 3D थियेटर का हुआ शुभारंभ, वन्य जीवन से दर्शक होंगे अवगत

पटना जू में बिहार के पहले 3D थियेटर का हुआ शुभारंभ, वन्य जीवन से दर्शक होंगे अवगत

PATNA : राजधानी स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान में आज 11 करोड़ की लागत से 150 लोगों के बैठने की क्षमता वाले अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित वातानुकूलित 3 डी थियेटर के पहले शो का शुभारंभ किया गया। 

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने दर्शकों के साथ बैठक कर डेविड एटनबरो द्वारा निर्मित 40 मिनट की 3-डी फिल्म ‘कन्क्वेस्ट ऑफ द स्काइज’ देखी। इस फिल्म में कीड़े की पहली उड़ान से आसमान पर विजय पाने वाले जीवों के विकास की कहानी है। 

इस मौके पर दर्शकों को सम्बोधित करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि 8 मार्च को कैबिनेट की बैठक बाद मुख्यमंत्री के साथ मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य इस थियेटर में आकर वन्य जीवन पर आधारित फिल्म देखेंगे।

उन्होंने कहा कि 153 एकड़ में फैले जैविक उद्यान में प्रतिवर्ष करीब 22 लाख दर्शक आते हैं। वन्य जीवन से दर्शकों को अवगत कराने के लिए 3 डी थियेटर में प्रतिदिन सुबह 10 से संध्या 4 बजे तक 5 शो प्रदर्शित किए जायेंगे। वन्य जीवन पर फिल्म देखने के लिए प्रवेश टिकट के अलावा वयस्क दर्शकों को 50 और बच्चों को 25 रुपये का भुगतान करना होगा। 

वहीं उन्होंने कहा कि देश के बेहतरीन चिड़िया घरों में शुमार पटना जू में अमेरिका के सेंटडियागो के बाद सर्वाधिक 6 नर और 6 मादा गैंडा हैं। इस महीने के अंत तक जू में गैंडा प्रजनन केन्द्र का काम पूरा हो जायेगा। दो-तीन दिन में 40 सीट की दो बोगियों वाली ट्रैकलेस ट्रेन का औपचारिक शुभारंभ होगा। 3 डी थियेटर के ऊपर के तल्ले पर इंटरप्रटेशन सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। राजगीर में 200 करोड़ की लागत से 400 एकड़ में जंगल सफारी जहां बाध-भालू को खुले में विचरण करते हुए देखा जा सकता है। 

वहीं इसके पूर्व अधिवेशन भवन में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सुशील मोदी ने कहा कि 229 करोड़ की लागत से स्टेट डाटा सेन्टर 2.0 का निर्माण होगा। जिसमें जी प्लस फोर भवन में 16 हजार वर्गफीट ऑपरेशन एरिया होगा। 18 महीने में निर्माण कार्य पूरा कर लिया जायेगा। इस भवन के बन जाने से अब अलग-अलग विभागों के लिए अलग डेटा सेन्टर की जरूरत नहीं होगी। 

डिप्टी सीएम ने कहा कि प्राकृति आपदा, आपात स्थिति व साइबर हैकरों से डेटा को बचाने के लिए 30 करोड़ की लागत से स्टेट रिकवरी सेन्टर का निर्माण भी कराया जा रहा है जिसके टेंडर की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। बिहार सरकार 473 करोड़ की लागत से राज्य मुख्यालय, सभी जिले एवं अनुमंडलों में नेटवर्क सुविधा के लिए योजना कार्यान्वित कर रही है।

विवेकानंद की रिपोर्ट

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