थानेदार बेटे के हत्या का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पायी माँ, दोनों की एक साथ निकली शव यात्रा, लोगों की नम हुई आंखें

थानेदार बेटे के हत्या का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पायी माँ, दोनों की एक साथ निकली शव यात्रा, लोगों की नम हुई आंखें

PURNEA : पूर्णिया के जानकीनगर थाना क्षेत्र का रामपुर चकला गांव अपने शहीद बेटे अश्विनी और उनकी माँ को अंतिम विदाई दी रहा है. ये विदाई एकसाथ गमों का पहाड़ लेकर आई है. कल बंगाल में अश्विनी की पीट पीट कर हत्या कर दी गयी थी. जिसका सदमा माँ बर्दाश्त नहीं कर पायी और वह भी चल बसी. शहीद बेटे और माँ की अंत्येष्टि में पूर्णिया रेंज के आईजी सुरेश प्रसाद, ज़िला पदाधिकारी राहुल कुमार, एसपी दयाशंकर सहित कई आला अधिकारी पहुंचे. जिन्होंने रोते बिलखते परिजनों को सांत्वना दिया. 

इनके अलावा बनमनखी के विधायक सह पूर्व मंत्री कृष्णकुमार ऋषि तथा विधान पार्षद दिलीप जायसवाल भी परिजनों से मिले. इस मौके पर पूर्व मंत्री ने कहा की पंचायत चुनाव में कर्मियों के मौत पर 30 लाख रूपये देने का प्रावधान है. जबकि अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अपनी जान गंवाने वाले पुलिस अधिकारी को केवल दस लाख रूपये दिया जायेगा. इस पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए. वहीँ अश्विनी कुमार की बेटी ने कहा की इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए. बंगाल की घटना में किशनगंज पुलिस को मौके पर क्यों भेजा गया. 

बताते चलें की बिहार के किशनगंज सीमा से सटे बंगाल में ग्वालपोखर थाना क्षेत्र के पंतापाड़ा गांव में बाइक चोरी के मामले में छापेमारी करने गईपुलिस टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया. इस हमले में सदर थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की मौके पर ही मौत हो गई. घटना शनिवार की अहले सुबह 3 बजे के करीब घटी. मृतक थानाध्यक्ष के शव को पोस्टमार्टम के लिए इस्लामपुर अस्पताल लाया गया. वहीँ इस घटना में थानाध्यक्ष के साथ गयी पुलिस टीम भाग गयी. जिसपर कार्रवाई करते हुए सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. 

पूर्णिया से तहजीब की रिपोर्ट

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