बेतिया की हवा देश में सबसे खराब, फिर भी जलायी जा रही खेतों में पराली, किसानों को नहीं किया गया जागरुक

बेतिया की हवा देश में सबसे खराब, फिर भी जलायी जा रही खेतों में पराली, किसानों को नहीं किया गया जागरुक

बेतिया. प. चम्पारण के बेतिया के नरकटियागंज से है, जहां खेतो में आज भी पराली जलाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। किसान खुलेआम खेतों में पराली जला रहे हैं। इसका वीडियो वायरल हो रहा है। हालांकि इस वीडियो की पुष्टि News4Nation नहीं करता। पराली जलाने का वीडियो हरदी टेड़ा पंचायत अंतर्गत सितवापुर कब्रिस्तान के पास का बताया जा रहा है।

वहीं पराली जला रही महिला से ऑफ द कैमरा पूछे जाने पर उसने बताया कि उसे जानकारी नही है कि खेतों में पराली नहीं जलानी है। उनके पंचायत के किसान सलाहकार या कृषि समन्वयक ने उन्हें नहीं बताया है कि खेत में पराली नहीं जलानी है। सोमवारी की सुबह जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स में सबसे खराब स्थिति बेतिया की है। बेतिया में एक्यूआई 469 दर्ज किया गया है, जबकि मोतिहारी में 419 दर्ज किया गया है। दोनों खतरनाक जोन में है।

बता दें कि बिहार के दो शहर तो रेड जोन से भी आगे निकल चुके हैं। बेतिया में 469, मोतिहारी में 410 एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स दर्ज किया गया है। 400 से अधिक एक्‍यूआइ वाले पूरे देश में केवल ये दोनों शहर ही हैं। इन शहरों की वायु गुणवत्ता सांस के मरीजों के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकती है।

एक्यूआई मानक

एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) को 0-50 के बीच बेहतर, 51-100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच सामान्य, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है। वहीं, हवा में पीएम 10 का स्तर 100 और पीएम 2.5 60 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

400 एक्यूआई में ऑक्सीजन कम हो जाती है

जानकारी के मुताबिक, वायु प्रदूषण के कारण वरिष्ठ नागरिकों को सबसे ज्यादा दिक्कतें होती हैं। प्रदूषण का जो स्तर है, इसमें ऑक्सीजन की कमी होती है। धीरे-धीरे इंफेक्शन, ब्रॉनकाइटिस की बीमारी बढ़ जाती है। आंख की जलन स्मॉग के कारण बढ़ती है।

 

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