बिहार पुलिस की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा ‘भाभा कवच’, गोली-बारूद सबके वार को कुंद करता है बुलेट रेजिस्टेंस जैकेट

बिहार पुलिस की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा ‘भाभा कवच’, गोली-बारूद सबके वार को कुंद करता है बुलेट रेजिस्टेंस जैकेट

DESK. ट्रूप कंफर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल) की इकाई आयुध उपस्कर निर्माणी कानपुर में बने हुए भाभा कवच (बुलेट रेजिस्टेंस जैकेट) को जल्द ही बिहार पुलिस के जवानों पर देखा जा सकता है. दरअसल, यूपी में इस अत्याधुनिक बुलेटप्रूफ जैकेट को काफी पसंद किया गया है. कंपनी का दावा है कि अब अन्य राज्यों की पुलिस और सशस्त्र बल के जवानों को भी पसंद आने लगे हैं. 

असम पुलिस के जवानों को बचाने के लिए यह बड़ी पहल सामने आ रही है. इसके लिए ओईएस से 164 भाभा कवच खरीदे गए हैं. असम पुलिस के अधिकारी ओईएफ में कवच लेने के लिए पहुंचे. ओईएफ की ओर से दावा किया गया कि निगमीकरण के बाद पहली बार संस्थान की ओर से बड़े आर्डर की सप्लाई दी गई है. कंपनी की ओर से यह भी कहा गया है कि बिहार पुलिस की ओर से भी भाभा कवच की मांग की गई है. हालांकि इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है. 

9.6 किलोग्राम का भाभा कवच टीसीएल और मिदानी की ओर से डिजाइन किया गया है. यह भाभा कवच बीआइएस लेवल पांच के साथ ही 360 डिग्री सामने, पीछे और साइड में भी सुरक्षा देने के लिए पूरी तरह से सक्षम है. इसमें दो मैगजीन के साथ ही दो ग्रेनेड पाकेट भी दिए गए हैं. इसी के साथ ठोस और नरम दो आर्मर पैनल भी मौजूद हैं जिन्हें जैकेट से निकाला जा सकता है. यह कवच पांच सालों तक सुरक्षा देगा.


ऐसे में अगर बिहार पुलिस के पास इस प्रकार के कवज आते हैं तो नक्सली अभियानों में लगे जवानों को बड़ी राहत मिलेगी. साथ ही आमने सामने की मुठभेड़ के दौरान भी जवान खुद को गोलीबारी से बचा सकते हैं. असम पुलिस के बाद संभव है कि बिहार पुलिस भी जल्द ही अपने आधुनिकीकरण अभियान के तहत भाभा कवज की खरीद कर सकता है. 

ओईएफ अधिकारी विजय कुमार चौधरी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार निगमीकरण के बाद कई कार्य होंगे. इसी कड़ी में अब एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए ओईएफ जैकेट समेत तमाम सुरक्षात्मक उत्पाद भी तैयार होंगे. ओईएफ की डिजाइन को विकसित करने और उत्पाद की ब्रांडिंग करने के लिए रायबरेली स्थित निफ्ट संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी) के साथ में एमओयू हुआ है.


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