मीडियाकर्मी के सवालों पर आयुक्त महोदया ने कहा 'शटअप', आखिर किसे बचाना चाहती हैं मैडम जी

मीडियाकर्मी के सवालों पर आयुक्त महोदया ने कहा 'शटअप', आखिर किसे बचाना चाहती हैं मैडम जी

भागलपुर। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत हो रहे कार्यों में इंजीनयरिंग कॉलेज से भेजी गई टेक्निकल जांच टीम ने गड़बड़ी उजागर क्या कर दी आयुक्त वंदना किन्नी आगबबूला हो गई। उन्होंने आनन - फानन में सोमवार को संध्या में तकरीबन 3 बजे एक प्रेस वार्ता बुलाई| प्रेस वार्ता में शुरुआत से अंत तक उनके निशाने पर सिर्फ और सिर्फ इंजीनयरिंग कॉलेज से आए हुए जांच टीम के सदस्य और प्राचार्य के अलावा स्थानीय राजनेता और कुछ पत्रकार थे। आयुक्त संबंधित ठेका एजेंसी के बचाव में इस कदर उतर आई कि इसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की होगी। उन्होंने कहा कि सैंडिस कंपाउंड में हो रहे कार्यों की कोई भी जांच करने पहुंच जाता है। आखिर ऐसे लोगों को जांच की अनुमती किसने दी। वहीं उन्होंने कहा कि भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से आई जांच टीम ने बेहद ही घिनौना काम किया है। प्राचार्य सहित पूरी जांच टीम पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं उन्होंने आगे से जांच करने या गड़बड़ी का विरोध करने वाले हर किसी पर ठेका एजेंसी को प्राथमिकी दर्ज करने की सलाह दी है।

 ठेका एजेंसी के बचाव में पूरी तरह तैयार थी आयुक्त वंदना किन्नी

सैंडिस कंपाउंड में हो रहे निर्माण कार्य में लगी एजेंसी का आयुक्त जमकर गुणगान कर रही थी। लेकिन निर्माण कार्य में लेतलतीफी और गड़बड़ी की शिकायत पर स्थानीय राजनेता और जांच टीम पर जुबानी हमले लगातार कर रही थी। इसी कड़ी में उन्होंने नाम लिए बिना कुछ पत्रकार द्वारा संबंधित एजेंसी से रंगदारी की मांग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि साक्ष्य मिलते ही उन पर प्राथमिकी दर्ज करवाई जाएगी। 


सृजन घोटाले की खबरें क्यों नहीं प्रसारित करते

आयुक्त की मानें तो किसी को भी सैंडिस कंपाउंड  में हो रहे कार्यों का जांच करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि जब सृजन घोटाला हुआ और भी कई कायों में जिले में गड़बड़ी हुई तो ना इसका खबर प्रमुखता से प्रसारित होता है और ना ही लोग इसपर विरोध करते हैं तो फिर इसी कार्य में विरोध क्यों। वहीं अब आयुक्त कौन समझाए कि जिले ही नहीं पूरी कमिश्नरी में नहीं भी  होनेवाले भ्रष्टाचार और अन्य प्रकार की गड़बड़ी को रोकना उनकी भी जवाबदेही है। फिर एक खास निर्माण एजेंसी को बचाने में इतनी जद्दोजहद क्यों ? इसी क्रम में स्थानीय राजनेता और रंगदारी मांगने वाले पत्रकार का नाम बताने के सवाल पर आयुक्त भड़क गई उन्होंने एक पत्रकार को कहा शटअप। कम बोलो जिस दिन सबूत मिला केस करवा दूंगी। वहीं दूसरी ओर पत्रकार के साथ आयुक्त द्वारा किए गए इस तरह के असंवैधानिक बर्ताव से नाराज कई राजनीतिक दलों, पत्रकार संगठन और समाजसेवी संगठनों द्वारा मंगलवार को विरोध दर्ज करवाने की बातें कही जा रही है।

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