भागलपुर विधायक अजीत शर्मा को एमपी एलए कोर्ट से मिली राहत, 13 साल पुराने मामले में हुए बरी

भागलपुर विधायक अजीत शर्मा को एमपी एलए कोर्ट से मिली राहत, 13 साल पुराने मामले में हुए बरी

BHAGALPUR : भागलपुर विधायक और कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजित शर्मा आज एमपी एमएल कोर्ट में उपस्थित हुए। बताते चलें की विधायक के ऊपर आचार संहिता के उल्लंघन का मामला 2009 में दर्ज किया गया था। पीरपैंती थाने में मामला दर्ज हुआ था। उस समय लोकसभा चुनाव में अजीत शर्मा बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। 


आचार संहिता उल्लंघन मामले में उन पर केस दर्ज हुआ था। इसी बाबत भागलपुर विधायक अजित शर्मा आज एमपी एमएल कोर्ट में उपस्थित हुए।  उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान कोई भी वर्कर पोस्टर लगा देता है तो आपके ऊपर ही केस दर्ज किया जाता है। इसमें प्रत्याशी की कोई भूमिका होती नही है। इसलिए साक्ष्य के अभाव में मुझे बरी कर दिया गया है। जब आप चुनाव लड़ोगे तो ऐसे केस दर्ज होते ही है। 

बहुजन समाज पार्टी से 2009 में हुए चुनाव में भाग्य आजमाने वाले अजीत शर्मा के विरुद्ध पीरपैंती के टोपरा क्षेत्र में कपड़े का बैनर सरकारी पोल में लगा देखा गया था। क्षेत्र का मुआयना करने निकले तत्कालीन अंचल निरीक्षक उपेन्द्र रजक ने बैनर जब्त किया था। उन्होंने आसपास के अन्य लोगों से पूछताछ के बाद पीरपैंती थाने में शर्मा के विरुद्ध आदर्श चुनाव आचार संहिता का केस दर्ज कराया था। दर्ज केस में पुलिस की तफ्तीश बाद उनके विरुद्ध लगे आरोप को सत्य पाते हुए पुलिस ने 17 मई 2009 में आरोपपत्र दाखिल किया था।

बताते चलें की प्रबल दत्ता की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 11 अगस्त 2022 को निर्णय की तिथि में अनुपस्थित रहने पर उनके विरुद्ध गैरजमानती वारंट जारी कर दिया था। दत्ता की एमपी-एमएलए कोर्ट ने विधायक शर्मा के वकील की तरफ से कोर्ट में दाखिल बंधपत्र को रद करते हुए उनके विरुद्ध गैरजमानती वारंट जारी कर दिया था। इस मामले में उन्होंने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। जिसके बाद उन्हें बरी कर दिया गया था।

भागलपुर से बालमुकुन्द की रिपोर्ट 

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