लता दी के गाए भोजपुरी गीत आज भी हैं सर्वकालिक श्रेष्ठ, लता के गाए इन गीतों को नहीं सुना तो भोजपुरी का असली मिठास नहीं जान पाएंगे

लता दी के गाए भोजपुरी गीत आज भी हैं सर्वकालिक श्रेष्ठ, लता के गाए इन गीतों को नहीं सुना तो भोजपुरी का असली मिठास नहीं जान पाएंगे

पटना. सुरों की सरस्वती लता मंगेशकर का रविवार को 92 साल की उम्र में निधन हो गया. लता दी का न सिर्फ हिंदी फिल्म जगत से नाता था बल्कि उन्होंने बिहार की लोकभाषाओं में भी गाने गाये. लता मंगेशकर का गाया ऐसा ही एक भोजपुरी गीत सर्वकालिक श्रेष्ठ भोजपुरी गाना बना हुआ है. 

वर्ष 1962-63 में आई भोजपुरी फिल्म ‘लागी ना छुटे रामा’ में लता मंगेशकर का गाया गीत आज भी संगीत के कद्रदानों की कानों में मिश्री सी मिठास घोलता है. इस फिल्म में लता दीदी का गाया भोजपुरी गीत ‘लाल-लाल ओठवा से बरसे ललइया हो कि रस चुएला- जइसे अमवा के मोँजरा से रस चुएला--- जइसे रस चुएला’. 

मजरुह सुल्तानपुरी के लिखे इस गीत को लता मंगेशकर ने आवाज दी थी. उनका यह गाना न सिर्फ उस दौर में बल्कि आज तक हर भोजपुरी गानों की जुबान पर छाया हुआ है. लता दीदी ने सिर्फ हिंदी ही नहीं कई अन्य भाषाओं में भी अपनी आवाज का जादू बिखेरा था. उसी का रूप भोजपुरी का यह गाना है जो आज भी जब सुना जाता है तो सुरीली आवाज की स्वर कोकिला का सहसा स्मरण हो आता है. 

लता मंगेशकर का ऐसे तो भोजपुरी से कोई सीधा नाता नहीं रहा लेकिन उन्होंने कई मौकों पर भोजपुरी और अन्य बिहार की भाषाओँ की मिठास का जिक्र किया था. गीतकार शैलेन्द्र ने भी इसका जिक्र किया था. उन्होंने ‘लाल-लाल ओठवा से बरसे ललइया हो कि रस चुएला ... गीत के बाद लता मंगेशकर का भोजपुरी से स्नेह को सार्वजनिक मंचों पर बखान किया था. 

पचास साल पहले लता दी का गाया यह भोजपुरी गाना आज तक की सबसे श्रेष्ठ भोजपुरी गीतों में शुमार बनाये हुए है. आज भी जब भोजपुरी गानों के स्वर्णिम युग की बात होती है तो हर जुबान पर लता मंगेशकर का गाना ही याद आता है. 

इसके अलावा 1963 में ही आई फिल्म ‘गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो' का टाइटल सोंग भी लता मंगेशकर ने ही गाया था. लता मंगेशकर के निधन से भोजपुरी समाज काफी आहत है और उनके शोक में कई लोगों ने संवेदना प्रकट की है. इसी फिल्‍म का एक और गाना 'मारे करेजवा में तीर' भी खूब सुना जाता है. ये दोनों गाने लता जी ने अपनी छोटी बहन उषा के साथ मिलकर गाए थे। 'लुक छिप बदरा में' (फ‍िल्‍म- गंगा मइया तोहे पियरी चढ़इबो), 'जा जा रे सुगना जा रे, कही दे सजनवा से ' (फ‍िल्‍म - लागी नाही छूटे राम) भी लता जी ने गाये. वहीं उन्होंने बाद के वर्षों में रवि किशन के अभिनय वाली एक फिल्‍म के लिए एक भोजपुरी गाना गाया. 'दुल्‍हा अइसन चाही' फ‍िल्‍म में 'रीतिया प‍िरित‍िया के खेल' गाने को लता दी ने अपनी आवाज दी थी. 


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