भूमी अधिग्रहण एवं स्ट्रक्चर मुआवजे से लेकर सड़क निर्माण में बड़े पैमाने पर घोटाला

भूमी अधिग्रहण एवं स्ट्रक्चर मुआवजे से लेकर सड़क निर्माण में बड़े पैमाने पर घोटाला

गया। एन.एच.83 भूमि अधिग्रहण संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ सुरेंद्र कुमार, सचिव जावेद खान ने आरोप लगाया है कि  एनएच 83 चौड़ीकरण के अधिग्रहित की गई भूमि में भूमी अधिग्रहण एवं स्ट्रक्चर के मुआवजे से लेकर सड़क के निर्माण तक बड़े पैमाने में घोटाला हो रहा हैं। उन्होंने बताया कि 1956 (3ए) नियम के विरुद्ध खतियान को आधार बनाकर किए गए गजट नोटिफिकेशन के बाद मनमानी तरीके से एवार्ड बनाया गया जिस गजट नोटिफिकेशन में मकान लिखा हुआ है उसका एवार्ड धनहर बनाया गया और कुछ किसानों को पैसा लेकर मकान का पैसा दिया गया।

उन्होंने बताया कि  जिन व्यक्तियों को आरबीट्रेडर के द्वारा जमीन का भुगतान आवासीय करने का आदेश दिया गया उन लोगों का स्ट्रक्चर का पैसा का भुगतान किया गया और जमीन का पैसा नहीं दिया गया और स्ट्रक्चर का भी पैसा अलग-अलग व्यक्तियों को अलग-अलग दिया गया। जिसने ज्यादा घूस दिया उसको ज्यादा पैसा दिया गया और जिसने पैसा नहीं दिया उसका कम पैसा मिला।  उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार से मांगे गए सूचना को डी.एल.ए.ओ द्वारा नहीं दिया गया। इस बात से पता चलता है कि कहीं ना कहीं बड़ी गड़बड़ी है। बहुत सी जगह पर पैसा लेकर रोड़ के सटे जमीन को कमर्शियल भुगतान किया गया और जिन लोगों ने पैसा नहीं दिया उसका गजट नोटिफिकेशन में कमर्शियल लिखकर भी अभी तक पैसा नहीं दिया गया जो जांच से स्पष्ट हो जाएगा।

सड़क निर्माण में बड़े पैमाने पर घोटाला किया जा रहा है। ये काम एन.एच.ए.आई एवं आर.के कंस्ट्रक्शन मिलकर कर रही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा उच्च न्यायालय को गलत शपथ पत्र दिया गया है कि 90% किसानों को पैसे का भुगतान हो चुका है। जबकि एन.एच.ए.आई आर्बिट्रेशन के विरुद्ध तकरीबन 77 केस व्यवहार न्यायालय गया में लंबित है। उन्होंने कहा कि अगर किसानों को सही मुआवजा नहीं दिया गया तो जिस तरह से किसान दिल्ली के बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं उसी प्रकार गया में इस प्रकार का आंदोलन किया जाएगा।

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