कैबिनेट विस्तार पर कांग्रेस का हमला - भूमिहारों को जगह नहीं देने का नीतीश को उठाना पड़ेगा खामियाजा, सामने आई असलियत

कैबिनेट विस्तार पर कांग्रेस का हमला - भूमिहारों को जगह नहीं देने का नीतीश को उठाना पड़ेगा खामियाजा, सामने आई असलियत

पटना। बिहार में नीतीश सरकार के कैबिनेट विस्तार की कार्रवाई पूरी हो गई है। इसके साथ ही नाराजगी का दौर शुरू हो गया है। जहां सरकार में शामिल वीआईपी प्रमुख ने नए कैबिनेट विस्तार को लेकर अपनी नारजगी जाहिर की है, वहीं, नीतीश के नए कैबिनेट पर कांग्रेस का रूख भी हमलावर हो गया है। कांग्रेस की तरफ से नीतीश कुमार पर आरोप लगाया गया है कि उनकी कैबिनेट में भूमिहार समाज को दरकिनार कर दिया गया है। जिसका परिणाण उन्हें भुगतना होगा।

कांग्रेस प्रवक्ता आजमी बारी ने कहा कि  नीतीश कुमार की दोहरी नीति फिर सामने आई है। नीतीश कुमार अगर भूमिहारों को मुसलमान समझने की भूल कर रहे हैं, तो यह उनकी बड़ी भूल होगी। इस राज्य के भूमिहार चुप बैठनेवाले नहीं हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि नीतीश कुमार कहते हैं कि उनकी सरकार में दागियों को कोई जगह नहीं दी जाएगी। लेकिन हर बार वह दागियों को अपने मंत्रिमंडल में शामिल करते हैं।

पहले मांझी, मेवालाल और अब लेसी सिंह

आजमी बारी ने कहा दागियों को लेकर नीतीश कुमार की असली सच्चाई सामने  आ गई है। सबसे पहले उन्होंने जीतन राम मांझी को सीएम बनाया, फिर उन पर जब आरोप लगे तो उन्हें रातों रात कुर्सी से हटा दिया। इस बार उन्होंने मेवालाल चौधरी को शिक्षा मंत्री बनाया, लेकिन यहां भी उन पर पत्नी की हत्या सहित विवि में नियुक्ति में गड़बड़ी के आरोप लगे, जिसके बाद मेवालाल को कुर्सी छोड़नी पडी। अब एक बार फिर से उन्होंने लेसी सिंह को मंत्री बना दिया, जिन पर हत्या जैसे संगीन मामले दर्ज हैं।

शाहनवाज के साथ नहीं हुआ न्याय 

कांग्रेस प्रवक्ता ने बिहार सरकार में शाहनवाज हुसैन को मंत्री बनाए जाने को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि शाहनवाज हुसैन के साथ सही न्याय नहीं हुआ। उनके जैसे नेता के लिए बिहार सरकार कोई बेहतर विभाग नहीं खोज सकी और उद्योग मंत्री बना दिया, ऐसी जगह जहां उनका कोई काम ही नहीं है, क्योंकि बिहार में कोई उद्योग ही नहीं हैं।

डिप्टी सीएम को नहीं है समझ

बिहार के दो डिप्टी सीएम को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे व्यक्ति को यह जिम्मेदारी दी गई जो नौवीं पास है, उनके पास इस पद को लेकर समझ नहीं है। वहीं दूसरी डिप्टी सीएम की भी ऐसी ही स्थिति है। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास के लिए जरुरी था कि कैबिनेट में पढ़े लिखे लोगों का मौका देना चाहिए थे, लेकिन जिन्हें मंत्री  बनाया गया वह विनाश के रास्ते पर जा रहा है। जो हालात हैं, वह मध्याविधि चुनाव की ओर संकेत करता है।



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