भाजपा का बड़ा निर्णय, भूपेंद्र सिंह चौधरी बने यूपी के अध्यक्ष, क्षेत्रीय और जातीय समीकरण साधने का बना गया प्लान

भाजपा का बड़ा निर्णय, भूपेंद्र सिंह चौधरी बने यूपी के अध्यक्ष, क्षेत्रीय और जातीय समीकरण साधने का बना गया प्लान

DESK. भूपेंद्र सिंह चौधरी को भाजपा ने उत्तर प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. उनके नाम का आधिकारिक ऐलान गुरुवार को हुआ. वह उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं, वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य भी हैं.योगी सरकार के पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी को अचानक दिल्ली बुलाए जाने के बाद से ही उनके प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के कयास लगाये जा रहे थे. 

भूपेंद्र सिंह चौधरी का जन्म मुरादाबाद जिले के थाना छजलैट इलाके के ग्राम महेंद्री सिंकदरपुर में हुआ था. भूपेंद्र चौधरी का जन्‍म साल 1966 में एक किसान परिवार में हुआ था. भूपेंद्र सिंह चौधरी की शुरुआती शिक्षा गांव के ही प्राथमिक स्कूल में हुई और फिर उन्होंने मुरादाबाद के आरएन इंटर कॉलेज से 12वीं की परीक्षा पास की. चौधरी भूपेंद्र सिंह छात्र जीवन में विश्व हिंदू परिषद से जुड़े और फिर साल 1991 में उन्‍होंने बीजेपी की सदस्यता ली. इसके दो साल बाद 1993 में वह बीजेपी की जिला कार्यकारिणी के सदस्य बन गए. साल 2006 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी ने मुरादाबाद का क्षेत्रीय मंत्री बनाया. 2012 में पार्टी का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया. 2016 में भूपेंद्र सिंह चौधरी को भारतीय जनता पार्टी ने एमएलसी नामित किया. उत्तर प्रदेश में साल 2017 में बीजेपी की सरकार बनने के बाद चौधरी भूपेंद्र सिंह को पंचायतीराज का अध्यक्ष बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया.

भूपेंद्र सिंह चौधरी को यह जिम्मेदारी मिलने के बाद पश्चिमी यूपी की तकरीबन सात जाट बाहुल लोकसभा सीटों पर भाजपा को फायदा हो सकता है. इसी के साथ प्रदेश में भी पिछड़े वोट बैंक को साधने में पार्टी को काफी अधिक मदद मिल सकेगी. चौधरी अमित शाह के भी काफी करीबीी है और पुराने स्वंय सेवक भी है.


छात्र जीवन में ही वह विश्व हिंदू परिषद से जुड़े और फिर वर्ष 1991 में उन्‍होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली, इसके दो साल बाद 1993 में वह भजापा की जिला कार्यकारिणी के सदस्य बन गए. वर्ष 2006 में उन्हें भाजपा ने मुरादाबाद का क्षेत्रीय मंत्री बनाया, इसके बाद 2012 में पार्टी का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया, 2016 में चौधरी भूपेंद्र सिंह को भारतीय जनता पार्टी ने   एमएलसी नामित किया. वर्ष 2017 में भाजपा की सरकार बनी तो चौधरी भूपेंद्र सिंह को पंचायतीराज का अध्यक्ष बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया.

भूपेंद्र सिंह को वर्ष 1999 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने लोकसभा का टिकट देकर संभल से चुनावी मैदान में उतारा था. इस चुनाव में चौधरी भूपेंद्र सिंह समाजवादी पार्टी के संरक्षक व पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से हार गए थे. लोकसभा चुनाव हारने के बाद भी बीजेपी ने भूपेंद्र चौधरी पर पूरा भरोसा रखा. जिसका असर विधानसभा चुनाव में भी साफ देखने को मिला. चौधरी भूपेंद्र सिंह जाट बिरादरी से आते हैं और पश्चिम उत्तर प्रदेश में जाटों पर उनकी काफी अच्छी पकड़ है. 2022 विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने चौधरी भूपेंद्र सिंह को दूसरी बार भी एमएलसी नामित किया. इस बार भी उत्तर प्रदेश सरकार में उनको पंचायती राज मंत्री बनाकर कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है. हाल ही में रामपुर लोकसभा उपचुनाव में भी बीजेपी प्रत्याशी की जीत के पीछे भूपेंद्र सिंह की दिन रात की मेहनत बड़ी वजह रही है. अब चर्चा है कि चौधरी भूपेंद्र सिंह को उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद पर आसीन किया जा रहा है. आने वाले 2024 के लोकसभा चुनाव की यूपी में बागडोर उनको दी जाने वाली है.


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