BIG BREAKING: आरसीपी सिंह का ऐलान- ‘छोड़ दूंगा राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद, पार्टी तय करे मजबूत साथी’

BIG BREAKING: आरसीपी सिंह का ऐलान- ‘छोड़ दूंगा राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद, पार्टी तय करे मजबूत साथी’

DELHI: रविवार को आयोजित जदयू पदाधिकारियों की बैठक में कई बातें साफ हो गई। पार्टी के अंदरखाने में जारी उठापटक पर मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है। बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब हुए आरसीपी सिंह ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद को लेकर बड़ी बात कह दी। उन्होनें कहा कि पार्टी फैसला लेगी तो वह इस पद को छोड़ सकते हैं। बशर्ते इसके लिए जदयू की तरफ से मजबूत साथी तय किया जाए। इसी बीच खबर यह भी है कि 30 जुलाई को दिल्ली में जेडीयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है। उस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष पर निर्णय हो सकता है। 

अध्यक्ष पद छोड़ेंगे आरसीपी सिंह

मीडिया से मुखातिब होकर आरसीपी सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष छोड़ने के सवाल पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होनें कहा कि वह किसी भी दायित्व को निर्वहन करने में सक्षम हैं। आरसीपी सिंह ने कहा कि जब मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष बना, उस समय राज्यसभा में पार्टी का नेता था। जदयू अध्यक्ष बनने के कुछ समय बाद ही हमने नेता राज्यसभा का पद रामनाथ ठाकुर को सौंप दिया। इसके बाद मेरे राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए उपेंद्र कुशवाहा आए। उन्हें पार्लियामेंट्री बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया। मैं अब केंद्र सरकार में मंत्री बना हूं। मैं केंद्रीय मंत्री का काम मजबूती से करूंगा साथ ही संगठन का काम भी मजबूती से करूंगा. निश्चित तौर पर पार्टी अगर तय करेगी, तो मैं एक जिम्मेदारी मजबूत साथी को सौंप दूंगा। यहां एक जिम्मेदारी से उनका आशय जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद था। उनका साफतौर पर कहना है कि यदि पार्टी मजबूत साथी चुन लेती है तो वह अध्यक्ष पद को छोड़ सकते हैं और वह केंद्र में मंत्री के रूप में सेवाएं देंगे। 

पार्टी के भीतरखाने में पहले से ही आरसीपी सिंह और उपेंद्र कुशवाहा को लेकर तनातनी जारी थी। कहा जा रहा था कि आरसीपी सिंह उपेंद्र कुशवाहा से नाराज चल रहे हैं। इसपर भी पार्टी की वर्चुअल बैठक में स्थिति साफ हो गई, जब उपेंद्र कुशवाहा ने आगे बढ़कर कहा कि हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। हमारी कई दफे आरसीपी सिंह से बात हुई है। जिसके बाद बैठक में आगे संबोधित करते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि आज बहुत अच्छा लगा कि खुद उपेन्द्र कुशवाहा ने बड़ी साफगोई से सारी बातें कह दी है। सबकुछ साफ कर दिया है। यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि बैठक में उन्होंने कहा था कि भले ही हम केंद्रीय मंत्री बन गये हैं लेकिन संगठन के काम में कोई कमी नहीं आयेगी। शनिवार और रविवार को संगठन पर ध्यान देंगे। इसके अलावा उन्होनें अपने और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के रिश्तों पर भी बेबाकी से राय रखी और कहा कि हमारे संबंध का कोई पैमाना नहीं। वर्षों तक उनके साथ काम किया है। आगे भी करता रहूंगा।

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