ट्रेन को पलटने की बड़ी साजिश नाकाम : शुक्र है समय रहते मिल गई जानकारी, वर्ना हो जाता बड़ा हादसा

ट्रेन को पलटने की बड़ी साजिश नाकाम : शुक्र है समय रहते मिल गई जानकारी, वर्ना हो जाता बड़ा हादसा

ARA : असमाजिक तत्वों द्वारा ट्रेन को पलटने की साजिश रेल कर्मियों की मुस्तैदी के कारण नाकाम हो गई। मामला पूर्व मध्य रेलवे आरा सासाराम रेल खंड के सिंगल पटरी से जुड़ा है। जहां कुछ बदमाशों ने ट्रेन को पलटने के लिए पटरी पर कंक्रीट के स्लीपर व लोहे के पोल रख दिये। इतना ही नहीं रेललाइन को जोड़ने के लिए नीचे बिछे 56 कंक्रीट स्लीपर क्षतिग्रस्त पाई गई। रेललाइन टूट गई। रेललाइन को जोड़ने वाले दर्जनों पेंड्रोल 10-12 फीट दूर तक बिखर पाये गये। इसी ट्रैक पर सुबह पटना-आरा-भभुआ इंटरसिटी एक्सप्रेस गुजरने वाली थी। जो अगर यहां से गुजरती तो निश्चित रूप से बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन रेल कर्मियों की मुस्तैदी के कारण यह साजिश नाकाम हो गई।

50 मिनट पहले पटरी टूटी होने की मिली जानकारी

इस ट्रैक पर पटना-आरा-भभुआ इंटरसिटी एक्सप्रेस सुबह 6.27 बजे गुजरनेवाली थी। लेकिन ट्रेन के आने के लगभग 50 मिनट पहले रेलवे के की-मैन राजकुमार सिंह ने देखा, जब वे बीट ड्यूटी में थे। रेललाइन क्षतिग्रस्त देख वे मूर्छित हो गये। होश आने पर अपने इंचार्ज व सीनियर इंजार्च को सूचित कर ट्रेन रोकने का आग्रह किया। जिसके बाद  ट्रेन को रोकने का आदेश दिया गया।

आतंकी हमला या कुछ और, जांच के बाद होगा फैसला

घटनास्थल आरा शहर से कुछ दूर है, पर यह पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू-मुगलसराय) रेल मंडल, उत्तर प्रदेश के क्षेत्राधीन है। यह घटना आतंकी करतूत या नक्सली घटना अथवा असामाजिक करतूत है, इसकी जांच हो रही है। डीडीयू रेल मंडल की मानें अभी इस मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। 

पांच घंटे बाद रवाना हुई ट्रेन

टूटी पटरी को ठीक करने के लिए डीडीयू रेल मंडल के दो डीईएम, रेल कमांडेट आशीष मिश्रा, सासाराम से आरपीएफ के इंस्पेक्टर संजीव कुमार, एसआई दीपेंद्र सिंह राणावत, असिस्टेंड डिविजनल इंजीनियर भरत सिंह समेत कई अधिकारी जांच के लिए पहुंचे। साथ में जांच टीम भी थी। तब तक रेलमार्ग को ठीक करने के लिए दर्जनों मजदूर लग गये थे। इस अफरा-तफरी में सुबह की पटना-भभुआ इंटरसिटी एक्सप्रेस सवा पांच घंटा लेट 11.40 बजे कॉशन लेकर टूटी रेललाइन से अत्यंत धीमी गति से पार कराया गया।

टूटी पटरियों को देखकर खो बैठा होश

इस टूटी ट्रैक को सबसे पहले देखनेवाले की-मैन राजकुमार सिंह ने बताया कि  मेरी ड्यूटी आरा से उदवंतनगर होते हुए रेललाइन चेकिंग की है। सुबह चार बजे मैं ड्यूटी पर आया। उदवंतनगर हॉल्ट पास सुबह 5.30 बजे आया। देखा कि लोहे का टुकड़ा रेललाइन पर रखा हुआ है। रेललाइन टूटा और 56 स्लीपर डैमेज थे। कई इंसर्ट (पेंड्रोल) गायब थे। यह देख मुझे फिट मार दिया। पांच मिनट बैठा रहा, फिर अपने आप को शांत किया, क्योंकि कुछ देर बाद पटना-भभुआ इंटरसिटी एक्सप्रेस आनेवाली थी। इसके लिए सीनियर्स को फोन कर बताया कि सबको इस बारे में कह दीजिये। 

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