मद्य निषेध उत्पाद विभाग का बड़ी कार्रवाई : शराब के नाम पर मौत बांटने के काले कारोबार का हुआ खुलासा, सरगना गिरफ्तार

मद्य निषेध उत्पाद विभाग का बड़ी कार्रवाई : शराब के नाम पर मौ

पटना- बिहार में पूर्ण शराबबंदी हुए आठ साल हो गए, लेकिन इन आठ सालों में सरकार की सख्ती और पुलिस प्रशासन की कथित चौकसी के बाद भी तस्करी नहीं रुकी. अवैध शराब माफिया और कारोबारी लगातार शराब की खेप को खपाने में जुटे है. लोक सभा चुनाव को लेकर बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग और बिहार पुलिस ऐसे शराब के अवैध माफियाओं ,कारोबारियों और तस्करों पर अपनी पैनी निगाह बनाए हुए हैं, जिनके कार्रवाई ने ऐसे कारोबारियों और माफियाओं के मंसूबे पर पानी फेरा है.इसी कड़ी में एक बार फिर राजधानी पटना में बड़े पैमाने पर विदेशी शराब बनाने की नकली मिनी फैक्ट्री का उद्भेदन किया है ,जहां से भारी मात्रा में कच्चा स्प्रिट ,होम्यो पैथीक दवा जिससे शराब का निर्माण ,नकली विदेशी ब्रांडेड कंपनियों के रैपर , सीलिंग मशीन, पंचिंग मशीन,खाली बोतलें,सहित अन्य सामग्री जब्त किए हैं.

इसकी जानकारी देते हुए बिहार मद्य निषेध उत्पाद विभाग के एसिस्टेंट कमिश्नर प्रेम प्रकाश ने बताया कि मद्य निषेध पटना इकाई के इंस्पेक्टर अजीत कुमार , सब इंस्पेक्टर सोनम कुमारी , ए एस आई ब्रज किशोर ठाकुर को टीम में शामिल कर गुप्त सूचना के आधार पर एक टेंपो   बुधवार को जांच के क्रम में बहादुरपुर थाना क्षेत्र के बाजार समिति स्थित महावीर कॉलोनी के समीप से टेंपो चालक को रोका गया, जिसके पास से 20 लीटर कच्चा स्प्रिट पानी के जार में बरामद हुआ.पूछताछ में चालक सह सरगना ने पटना के तीन ठिकानों का राज खोला ,जहां पर नकली विदेशी अवैध शराब बनाने का कार्य किया किया जा रहा था.

सहायक आयुक्त प्रेम प्रकाश ने बताया कि टेंपो चालक सह सरगना द्वारा बताए जगह पर जब पटना के बाइपास छपाक वाटर पार्क के पास एक आटा मिल में छापेमारी और जेठुली में कार्रवाई के दौरान नकली मिनी शराब फैक्ट्री का उद्भेदन किया गया है.

सहायक आयुक्त प्रेम प्रकाश ने बताया कि पटना में ये तीसरी मिनी शराब फैक्ट्री का उद्भेदन मद्य निषेध पटना की टीम के द्वारा किया गया है. फिलहाल इस मामले में होमियोपैथिक डॉक्टर रणधीर कुमार प्रतिबंधित दवा की खेप को मुहैया कराने का कार्य करता था जो फरार है उसकी तलाश में पटना मद्य निषेध की टीम जुटी है. 

रिपोर्ट- अनिल कुमार