बिहार में घूम रही 'चीन की जासूस' पर हुआ बड़ा खुलासा, दलाई लामा नहीं थे निशाने पर ... जानिए बड़ी वजह

बिहार में घूम रही 'चीन की जासूस' पर हुआ बड़ा खुलासा, दलाई लामा नहीं थे निशाने पर ... जानिए बड़ी वजह

पटना. बिहार में चीन की महिला जासूस की मौजूदगी की खबरों में बिहार सहित केंद्रीय सुरक्षा और ख़ुफ़िया एजेंसियों के होश उड़ा दिए. आनन फानन में गया में मौजूद बौद्ध आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा की सुरक्षा बढ़ा दी और देश स्तर पर ख़ुफ़िया तंत्र को मुश्तैद कर दिया गया. वहीं बिहार पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए संदिग्ध महिला जासूस की गिरफ्तारी के लिए बड़ी कार्रवाई की. मामला उजागर होने के करीब 12 घंटे के भीतर पुलिस उसे पकड़ने में सफल रही. पुलिस की पकड़ में आई महिला ने अब जो खुलासे किए हैं वह काफी हैरान करने वाले हैं. 

हालांकि चीन की महिला ने जो बताया है उससे यह स्पष्ट हुआ है कि उसके निशाने पर दलाई लामा नहीं थे. बिहार पुलिस ने अब इसे लेकर एक बयान भी जारी किया गया है जिसमें चीन की महिला की बिहार में मौजूदगी पर खुलासा किया है. विस्तृत जांच के बाद पुलिस ने पाया कि यह ऐसी महिला का मामला है जो वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी देश में जानबूझकर रह रही है.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) जे एस गंगवार ने कहा, ‘‘उसे वीजा उल्लंघन के बाद भारत छोड़ने का नोटिस दिया गया है. हमें उसे प्रत्यर्पण के लिए संबंधित प्राधिकारियों को सौंपने जा रहे हैं.’ इसके बाद गया पुलिस के एक बयान ने यह बिल्कुल साफ कर दिया कि सोंग पर कभी जासूसी का संदेह नहीं रहा. हालांकि, वह विदेश से नियमित तौर पर आने वाली यात्री भी नहीं है और सांसारिक वजहों से भारत आयी थी. पुलिस ने बताया कि एक नास्तिक देश में पैदा होने के बावजूद यह महिला आध्यात्मिकता के करीब आ गयी और वह अक्टूबर 2019 में बुद्ध की धरती पर आयी और यह भूल गयी कि यह दुनिया वीजा पर चलती है.

पुलिस के अनुसार, उसे तीन महीने से ज्यादा वक्त तक नहीं ठहराना था लेकिन वह तीन से अधिक साल से रह रही है. इस बीच, वह आध्यात्म की खोज में कुछ वक्त के लिए नेपाल भी गयी जहां उसने एक स्थानीय महिला से दोस्ती की और उसके साथ भारत लौटी. दोनों महिलाओं को पुलिस ने बोधगया में एक अतिथि गृह से पकड़ा. दोनों ने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला जिले में मैकलोडगंज में बसने की बात कबूल की जिसे अक्सर ‘‘मिनी तिब्बत’’ कहा जाता है. ये दोनों 22 दिसंबर को बोधगया पहुंची जब दलाई लामा को भी एक कार्यक्रम के सिलसिले में वहां आना था लेकिन तब तक विदेश विभाग ने पुलिस को सूचित कर दिया था कि शिओलान अवांछित व्यक्ति है.


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