धर्मांतरण रोकने के लिए भाजपा सरकार की बड़ी पहल, जानिए कितने साल की होगी सजा

धर्मांतरण रोकने के लिए भाजपा सरकार की बड़ी पहल, जानिए कितने साल की होगी सजा

नई दिल्ली. प्रलोभन और जबरन धर्मांतरण का मुद्दा लंबे अरसे से देश की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है. अलग अलग राज्यों में इसे लेकर कुछ कानून भी बनाए गए हैं. बावजूद इसके देश में जबरन धर्मांतरण के मामले अक्सर प्रकाश में आते हैं. 

धर्मांतरण रोकने को लेकर अब कर्नाटक की भाजपा सरकार बड़ी पहल करने जा रही है. भाजपा सरकार ने धर्म परिवर्तन रोकने के लिए एक विधेयक तैयार किया है. कर्नाटक- धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार संरक्षण विधेयक 2021 नामक इस विधेयक को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सकता है. अगर विधेयक को सदन की मंजूरी मिली तो कर्नाटक में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति से आने वाले लोगों, नाबालिगों और महिलाओं के दूसरे धर्म में जबरन धर्मांतरण के लिए अधिकतम 10 साल की कैद की सजा का प्रावधान होगा. 

राज्य सरकार ने प्रस्तावित कानून की वैधता की जांच के लिए पिछले कुछ दिनों में कई बैठकें आयोजित की हैं। एक दिन पूर्व ही भाजपा विधायक दल की हुई बैठक में भाजपा ने यह निर्णय लिया कि मौजूदा सत्र के दौरान सदन में प्रस्तावित विधेयक पेश किया जाएगा. 

हालाँकि प्रारूप तैयार करने से जुड़े अधिकारीयों का कहना है कि विधेयक में धर्मांतरण के लिए सजा को लेकर अंतिम फैसला नहीं किया गया है. इसे सदन के विवेक पर छोड़ा जा सकता है और सदन में चर्चा उपरांत इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है. विधेयक का मसौदा तैयार किया जा चुका है और संभव है 20 दिसम्बर को इसे सदन में चर्चा के लिए पेश किया जाए. 



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