बड़ी खबर : आज से शिक्षण संस्थानों के खुलेंगे दरवाजें, कड़े दिशा-निर्देश के बीच बच्चे पहुंचेंगे स्कूल

बड़ी खबर : आज से शिक्षण संस्थानों के खुलेंगे दरवाजें, कड़े दिशा-निर्देश के बीच बच्चे पहुंचेंगे स्कूल

पटना. बिहार में स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थान सोमवार यानि आज से फिर खुलने जा रहे हैं। 50 फीसदी हाजिरी के साथ फिलहाल 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं ही चलाई जाएंगी। सरकार ने तय किया है कि एक दिन में अधिकतम 50 फीसदी ही हाजिरी होगी। सरकार ने कॉलेज भी खोलने का निर्णय किया है। 

बता दें कि  नौवीं कक्षा से नीचे के बच्चों के स्कूल आने का फैसला 18 जनवरी को लिया जाएगा। मिशनरी स्कूलों में फिलहाल कक्षाएं नहीं होंगी। केवल प्री बोर्ड की परीक्षाएं लिए जाएंगे। नौवीं के बच्चों के सेकंड टर्म की परीक्षाएं होंगी। कुछ स्कूलों ने ऑड-ईवन फार्मूले के तहत क्लास चलाने की रणनीति बनाई है। रोल नंबर के हिसाब से बच्चों को बुलाया गया है। पहले दिन ऑड तो दूसरे दिन ईवन रोल नंबर वाले बच्चे आएंगे। सरकारी स्कूल भी सोमवार से ही खोले जाएंगे। फिलहाल हाई स्कूलों के बच्चे ही आएंगे। 

बता दें कि कोविड-19 महामारी फैलने के बाद राज्य में शैक्षणिक संस्थान करीब नौ महीने पहले बंद किए गए थे। ऐसा लगता है कि कोरोना वायरस के नए मामलों की संख्या में कमी और ठीक होने की दर 97.61 प्रतिशत होने से राज्य में शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई फिर से भौतिक रूप से शुरू करने को लेकर विश्वास बढ़ा है। शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि हालांकि कक्षाएं कुल छात्रों के आधे हिस्से के साथ संचालित होंगी और कोरोना वायरस के अन्य दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। 

ये निर्देश अहम हैं-

1. कक्षा नौ से बारहवीं कक्षा के लिए सरकारी और निजी दोनों स्कूलों सहित शैक्षणिक संस्थानों को चार जनवरी, 2021 से फिर से खोलने का निर्णय 18 दिसंबर, 2020 को संकट प्रबंधन समूह (सीएमजी) की बैठक में लिया गया था।

2. कक्षा नौ से 12वीं के लिए खुलने वाले स्कूलों में कक्षाएं सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियम के पालन की खातिर 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ चलेंगी। इसके साथ ही परिसर में सबके लिए मास्क अनिवार्य होगा।

3. शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा कि सभी छात्रों के लिए परिसर में मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है जिसके बिना उन्हें परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा नौ से 12 तक की कक्षाएं 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ संचालित होंगी ताकि कक्षाओं में सामाजिक दूरी के नियम का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

4. प्रधान सचिव के मुताबिक, स्कूली बच्चों के बीच दो-दो मास्क वितरित किए जाएंगे। शिक्षकों को कक्षा में पालन किए जाने वाले कोविड-19 दिशानिर्देशों के बारे में जागरूक किया जाएगा। संस्थान प्रबंधन अपने परिसरों का सैनेटाइजेशन सुनिश्चित करेगा।

5. स्कूल के अधिकारी इस बात पर ध्यान देंगे कि कोई छात्र कहीं बुखार से पीड़ित तो नहीं है या उसमें वायरस के कोई लक्षण तो नहीं हैं। जबकि छात्रों की चिकित्सीय जांच सरकारी स्कूलों में ‘बिना क्रम के’ (रैंडम) आधार पर की जाएगी।

6. सूत्रों ने कहा कि कोचिंग सेंटरों को कक्षाओं के अंदर सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए कक्षाएं छात्रों की भौतिक मौजूदगी के साथ शुरू करने की योजना तैयार करनी होगी और क्षेत्रीय अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेनी होगी।

7. बिहार सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ एहतियात के तौर पर 13 मार्च, 2020 को सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों, चिड़ियाघरों और सार्वजनिक पार्कों को 31 मार्च तक बंद करने की घोषणा की थी।

8. राज्य सरकार द्वारा 22 मार्च, 2020 को राज्यव्यापी लॉकडाउन लागू होने के बाद से शिक्षण संस्थान बंद रहे, इसके बाद 25 मार्च, 2020 को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की गई।

9. इससे पहले राज्य सरकार ने 28 सितंबर, 2020 से नौवीं से बारहवीं कक्षा के स्कूलों को फिर से खोलने की घोषणा की थी, लेकिन कोविड-19 के बढ़ते मामलों के कारण स्कूल बंद रहे।


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