पुलिस मुख्यालय का बड़ा आदेश : जमीन व संपत्ति विवाद में हुई हत्या तो संबंधित थानेदार पर होगी कार्रवाई

पुलिस मुख्यालय का बड़ा आदेश : जमीन व संपत्ति विवाद में हुई हत्या तो संबंधित थानेदार पर होगी कार्रवाई

PATNA : बिहार में सबसे ज्यादा हत्या संपत्ति विवाद के चलते होती है। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक हत्या की तमाम घटनाओं में 60 प्रतिशत हत्या की वजह जमीन, मकान या लेनदेन से संबंधित हैं। बाकी की चालीस प्रतिशत हत्याएं दूसरे कारणों से होती हैं। 

जमीन व संपत्ति के विवाद में होनेवाली हत्याओं पर रोक लगाने को लेकर पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। वह किसी भी प्रकार के जमीन व संपत्ति विवाद में किसी ही हत्या होती है तो उसे लेकर संबंधित थाने के थानेदार पर कार्रवाई होगी। 

इस बावत पुलिस मुख्यालय ने आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार संपत्ति के विवाद में होनेवाली हत्याओं को रोकने की जिम्मेदारी थानेदार व चौकीदार की होगी। यदि विवाद को निपटाने की पहल थाना द्वारा नहीं किया जाता है तो थानेदार और चौकीदार को प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

पुलिस मुख्यालय के आदेश के मुताबिक चौकीदार की जिम्मेदारी संपत्ति विवाद का पता लगाना है। चाहे मामला कानूनी तौर पर चल रहा हो या नहीं। वह अपने इलाके के तमाम ऐसे विवादों की जानकारी थानेदार को देंगे। विवाद किसके बीच है, इसकी भी जानकारी देनी होगी। चौकीदार की रिपोर्ट मिलने के बाद थानेदार जमीन विवाद को सुलझाने के लिए अंचलाधिकारी के साथ पहल करेंगे। जो मामले अदालत में विचाराधीन नहीं होंगे, उन्हें सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।

विवाद को सुलझाने के लिए पक्षकारों के थाना आने का इंतजार नहीं किया जाएगा। बजाप्ता उन्हें नोटिस भेजकर बुलाया जाएगा। थाने पर दोनों पक्षों की बात सुनी जाएगी और कागजात देखे जाएंगे। जहां जरूरत होगी वहां नापी कराकर मामले को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। मामला पुलिस और अंचलाधिकारी के स्तर से नहीं निपटता है तो ऊपर लिखा-पढ़ी की जाएगी। पर विवाद की वजह से हत्या या कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो इसके लिए पुलिस निरोधात्मक कार्रवाई करेगी। 

वहीं जो पक्ष ज्यादा आक्रामकता दिखाएगा उसके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें बांड भरवाना भी शामिल हो सकता है। संपत्ति विवाद में हत्या की घटना होने पर डीएसपी सुपरविजन के दौरान यह देखेंगे कि क्या इस विवाद की रिपोर्ट थाने को की गई थी। यदि नहीं थी तो चौकीदार इसके लिए जिम्मेदार माने जाएंगे। वहीं चौकीदार ने रिपोर्ट दी थी और थानेदार द्वारा इसपर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो वह दोषी मानें जाएंगे।


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