बहुचर्चित नन बलात्कार मामले में आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल को मिली बड़ी राहत, पीड़िता ने कहा जारी रहेगी आगे की लड़ाई

बहुचर्चित नन बलात्कार मामले में आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल को मिली बड़ी राहत, पीड़िता ने कहा जारी रहेगी आगे की लड़ाई

दिल्ली. केरल की एक अदालत ने शुक्रवार को जालंधर डायोसिस के बिशप फ्रैंको मुलक्कल को 44 साल की नन से बलात्कार के आरोप में बरी कर दिया है. फ्रैंको मुलक्कल पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 2014 और 2016 के बीच कुरुविलंगड, कोट्टायम में मिशनरीज ऑफ जीसस कॉन्वेंट की नन के साथ बलात्कार किया था. अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय एक के न्यायाधीश जी गोपाकुमार की अदालत ने उसे बरी कर दिया. नन ने जालंधर के पूर्व बिशप फ्रेंको मुलक्कल पर रेप का आरोप लगाते हुए 28 जून, 2018 को पुलिस में मामला दर्ज कराया था.

इस मामले में 83 गवाहों और 30 से अधिक सबूतों के आधार पर सुनवाई हुई थी.  आरोपी पूर्व बिशप फ्रेंको मुलक्कल को 21 सितंबर, 2018  को गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में अप्रैल, 2019 को चार्जशीट दाखिल की गयी थी. हालांकि 40 दिनों के बाद उसे जमानत मिल गयी थी. इस हाईप्रोफाइल मामले की सुनवाई के दौरान कोट्टायम की अतिरिक्त सत्र न्यायालय में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी थी. बिशप ने अपने ऊपर लगे आरोपों को मानगढ़ंत करार दिया था. फ्रेंको मुलक्कल के बरी होने पर  सेव अवर सिस्टर फोरम के joint convener शायजू एंटनी ने दु:ख जताया. कहा कि यह अविश्वसनीय है. हम कोई लीगल पॉसिबिलिटी नहीं छोड़ेंगे. आगे की लड़ाई लड़ेंगे.


केरल की नन के यौन शोषण मामले में जालंधर डायोसिस के पूर्व पादरी फ्रैंको मुल्लकल के खिलाफ स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम ने जांच की थी. टीम ने कोर्ट में 80 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया था. इसमें 83 गवाहों के बयान दर्ज किये गये थे.  सबूत के तौर पर लैपटॉप, मोबाइल फोन और मेडिकल टेस्ट समेत जमा किये गये थे. जून 2018 में एक नन ने रोमन कैथोलिक के जालंधर डायोसिस के तत्कालीन पादरी फ्रेंको मुलक्कल पर यौन शोषण का आरोप लगाया था. चार्जशीट में सिरो-मालाबार कैथोलिक चर्च के कार्डिनल, मार जॉर्ज एलेनचेरी, तीन बिशप, 11 पादरी और 22 नन के नाम शामिल हैं. फ्रैंको ने FIR रद्द कराने के लिए केरल हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगायी थी, लेकिन दोनों कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली थी.

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