सुप्रीम कोर्ट से विपक्षी दलों को बड़ा झटका, वीवीपैट की 50 फीसदी पर्चियों के मिलान की मांग खारिज

सुप्रीम कोर्ट से विपक्षी दलों को बड़ा झटका, वीवीपैट की 50 फीसदी पर्चियों के मिलान की मांग खारिज

सुप्रीम कोर्टने लोकसभा चुनाव में 50 फीसदी EVM की वीवीपैट से मिलान की मांग कर रहे 21 विपक्षी दलों को बड़ा झटका दिया है। देश के शीर्षस्थ कोर्ट ने वीवीपैट पर्चियों के औचक मिलान को लेकर दायर समीक्षा याचिका को खारिज करते हुए कहा कि अदालत अपने आदेश को संशोधित करने के लिए तैयार नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले प्रत्येक विधानसभा के पांच बूथों की ईवीएम का वीवीपैट से मिलान करने का फैसला दिया था।

बता दें कि विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। इस याचिका को टीडीपी और कांग्रेस सहित 21 विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया था।

इन दलों की मांग थी कि 50 फीसदी वीवीपैट पर्चियों की ईवीएम से मिलान का आदेश चुनाव आयोग को दिया जाए। याचिका को खारिज करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि अदालत इस मामले को बार-बार क्यों सुने। CJI ने कहा कि वह इस मामले में दखलअंदाजी नहीं करना चाहते हैं।

इस मामले पर फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक विधानसभा के 5 बूथों की ईवीएम का वीवीपैट से मिलान करने का फैसला दिया था। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर विपक्षी पार्टियों ने पुनर्विचार की मांग करते हुए याचिका दायर की थी।
 
 विपक्षी पार्टियों की मांग थी कि कम से कम 50 प्रतिशत ईवीएम का वीवीपैट से मिलान हो, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि एक ही मामले को बार-बार नहीं सुना जा सकता है।

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