बिहार बीजेपी में गालीबाज नेताओं का होता है सम्मान! खुलासे के महीनों बाद भी नेतृत्व ने नहीं की कोई कार्रवाई,अब अपने ही उठा रहे सवाल

बिहार बीजेपी में गालीबाज नेताओं का होता है सम्मान! खुलासे के महीनों बाद भी नेतृत्व ने नहीं की कोई कार्रवाई,अब अपने ही उठा रहे सवाल

PATNA: बिहार बीजेपी के संगठन में गालीबाज नेताओं को बचाने की भरपूर कोशिश होती है। बदलते परिवेश में अब बिहार बीजेपी भी बाकि दलों की तरह अमर्यादित काम करने वालों को सम्मानित करने का काम करती है। अपने आप को चाल-चरित्र और चेहरा अलग बताने वाली पार्टी के नेताओं को इन दिनों हर गलत काम करने में महारत हासिल हो गया है. पार्टी के एक ऐसे नेता जिसे अपनी पार्टी के महिला नेत्रियों के बारे में आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग किया था उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि उस नेता के खिलाफ कार्रवाई को लेकर जिला इकाई ने प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री को सर्व सम्मति से पत्र भेजकर सिफारिश की थी।हद तो तब हो गई थी जब मामले के खुलासे के बाद भी प्रदेश नेतृत्व ने आरोपी नेता को पद देकर सम्मानित किया था। न्यूज4नेशन की खबर के बाद तब बिहार बीजेपी में खलबली मच गई थी।दिखावे के लिए पूरे मामले पर बीजेपी नेतृत्व ने संज्ञान भी लिया था और बताया गया था कि पूरे मामले को अनुशासन समिति के पास भेजा गया है। नेतृत्व की तरफ से यह जानकारी दिए हुए भी 3 महीने से अधिक हो गए लेकिन पार्टी अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची और न ही इस पर कुछ बोलना चाहती है.

आरोपी को सम्मान दिए जाने से खासे व्यथित हैं बीजेपी जिलाध्यक्ष


सीतामढ़ी के वर्तमान जिलाध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह जिन्होंने पूरी कमिटी से पास करा कर बीजेपी नेता आशुतोष कुमार शाही पर कार्रवाई को लेकर प्रदेश नेतृत्व को पत्र लिखा था वे भी नेतृत्व के इस निर्णय से खासे व्यथित हैं।उन्होंने न्यूज4नेशन से बातचीत में कहा कि अब तक आरोपी नेता पर नेतृत्व ने कोई कार्रवाई नहीं की जबकि ऐसा होना नही चाहिए था।अब तक की जो जानकारी है उसके अनुसार इतना समय बीतने के बाद भी प्रदेश नेतृत्व ने इस मामले को अनुशासन समिति को रेफर नहीं किया है.जबकि तत्काल यह कदम उठाना चाहिए था. बीजेपी जिला अध्यक्ष ने बड़े ही आहत मन से कहा कि ऐसा होना नहीं चाहिए था लेकिन प्रदेश स्तर पर कुछ न कुछ बात है जिस वजह से कोई कार्रवाई नहीं हो रही.उल्टे फिर से सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक के पद दे दिया गया।

जानिए पूरा मामला

मामला सीतामढ़ी का है जहां, भाजपा जिला अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह व पार्टी की एक नेत्री जो महामंत्री के पद पर हैं उनके बारे में अपशब्द और आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग किया गया था। महिला नेत्री के बारे में पार्टी के ही दो नेताओं का ऑडियो वायरल हुआ था.इसके बाद मामले में  नेत्री की तरफ से भाजपा नेता के खिलाफ केस भी दर्ज कराया गया था। वायरल ऑडियो में  एक तरफ भाजपा नेता जो सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक के पद पर कार्यरत आशुतोष कुमार शाही और सुनील नायक के बीच बातचीत थी। बातचीत में सीतामढ़ी की एक महिला नेता को लेकर अपशब्दों और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था।  सैनिक प्रकोष्ठ के नेता आशुतोष कुमार शाही ने फोन पर बातचीत करते हुए कह रहे थे कि भाजपा जिला अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह व पार्टी की एक नेत्री के बीच अवैध संबंध है . महिला नेत्री का वही धंधा है . इसके साथ ही गाली-गलौच एवं कई अन्य सनसनीखेज आरोप लगाए गए थे.


जिलाध्यक्ष ने कार्यवाई को लेकर प्रदेश अध्यक्ष को भेजा था पत्र

ऑडियो वायरल होने के बाद सीतामढ़ी  के भाजपा जिला अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह ने काफी पहले हीं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री को पत्र लिखकर कार्यवाही करने  का आग्रह किया था. सीतामढ़ी जिला अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह ने अपने पत्र में  लिखा था कि मोबाइल पर एक ऑडियो वायरल हुआ,जिसमें पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के संयोजक आशुतोष शाही और व्यवसायिक प्रकोष्ठ के संयोजक सुनील नायक आपस में मोबाइल पर बातचीत करते सुनाई पड़ रहे हैं. इसमें जिला मंत्री  जो महिला हैं उनके बारे में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया. ऑडियो वायरल होने के बाद महिला नेत्री ने दोनों व्यक्तियों के खिलाफ f.i.r. थाने में दर्ज करा दिया . सीतामढ़ी भाजपा जिला पदाधिकारियों की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास हुआ था कि आशुतोष साहू एवं सुनील नायक को अविलंब निलंबित करते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने की कार्यवाही  के लिए  प्रेषित कीा जाए.  भाजपा जिला अध्यक्ष ने कार्रवाई के लिए प्रदेश अध्यक्ष  से सिफारिश की लेकिन आज तक नेत्री के बारे में आपत्तिजनक शब्द प्रयोग करने वाले भाजपा नेता आशुतोष कुमार शाही पर कोई कार्रवाई की जानकारी नहीं.

गालीबाज नेता को पार्टी में मिला सम्मान!

बिहार बीजेपी नेतृत्व ने अपने जिलाध्यक्ष के उस पत्र को रद्दी की टोकरी में डाल दिया जिसनें आरोपी नेता पर कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।सीतामढ़ी बीजेपी कमेटी की तरफ से सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर आरोपी नेताओं को पद के साथ-साथ पार्टी से निलंबित करने का आग्रह किया गया था। उल्टे पार्टी की महिला नेता के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने वाले आशुतोष कुमार शाही को पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक नियुक्त कर दिया गया.नेतृत्व के इस निर्णय से सीतामढ़ी बीजेपी इकाई काफी दुखी है। न्यूज4नेशन ने इस संबंध में नेतृत्व से जानकारी लेने की कोशिश की  लेकिन कोई भी जवाब देने को तैयार नहीं.

Find Us on Facebook

Trending News