बीजेपी कार्यसमिति की वर्चुअल मीटिंग में नेता भाषण करते रहे और पदाधिकारी आवाज नहीं मिलने की शिकायत,सिस्टम में नहीं हुआ सुधार तो निकल लिए लोग

 बीजेपी कार्यसमिति की वर्चुअल मीटिंग में नेता भाषण करते रहे और पदाधिकारी आवाज नहीं मिलने की शिकायत,सिस्टम में नहीं हुआ सुधार तो निकल लिए लोग

PATNA: बिहार बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति घोषित होने के पांच महीने बाद आज शनिवार से दो दिन की बैठक शुरू हुई.दो दिनी वर्चुअल बैठक में पार्टी के बिहार चुनाव प्रभारी देवेंद्र फड़णवीस तथा राष्‍ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष जुड़े.प्रदेश कार्यालय में जहां बीजेपी प्रभारी भूपेन्द्र यादव मौजूद रहे, वहीं वर्चुअल माध्यम से चुनाव प्रभारी देवेन्द्र फड़नवीस जुडे़े. पहले दिन की बैठक में पार्टी की तरफ से राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया गया ।प्रस्ताव में अयोध्या राम मंदिर से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा,धारा -370 की समाप्ति समेत कई अन्य बिंदूओं का उल्लेख किया गया है।साथ ही बीजेपी के राजनीतिक प्रस्ताव में महागठबंधन और लालू परिवार के बारे में भी चर्चा की गई।लेकिन पहली दफा वर्चुअल माध्यम से हुई कार्यसमिति की बैठक में पार्टी पदाधिकारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पहले ही निकल लिए करीब 500 लोग

दरअसल कोरोना संकट की वजह से बिहार बीजेपी ने कार्यसमिति की बैठक वर्चुअल माध्यम से बुलाई थी।चुनाव से पहले यह बैठक काफी अहम है।लेकिन इस बैठक में सिस्टम की कमी से नेताओं को भारी परेशानी का सामना करना पडा़।कार्यक्रम की शुरूआत में तो करीब 800 से अधिक पदाधिकारी जुड़े लेकिन सिस्टम में फॉल्ट की वजह से बड़ी संख्या में लोग काफी पहले निकल लिए।बीजेपी की तरफ से वर्चुअल माध्यम से पार्टी के जिलाध्यक्ष से लेकर पदाधिकारी, पूर्व और वर्तमान विधायक,सांसद विधान पार्षद जुड़े थे। बैठक जैसे ही शुरू हुई तो वर्चुअल माध्यम से करीब 800 से अधिक लोग जुड़ गए।लेकिन सिस्टम में खामी की वजह से लोग आवाज नहीं सुन पा रहे थे।कई नेता को साफ-साफ यह कहते सुनाई दिए कि आवाज सुनाई नहीं दे रहा।पार्टी नेताओं द्वारा उद्घोषक का नाम लेकर कहा जा रहा था उदघोषक महोदय सुनाई ही नहीं पड़ रहा सिस्टम ठीक कीजिए।डिप्टी सीएम सुशील मोदी के संबोधन के दौरान भी कई नेता यह कहते सुने गए।पूरे कार्यक्रम के दौरान आवाज सुनाई नहीं पड़ने की वजह से पार्टी पदाधिकारी परेशान रहे।कई विधायक-विधान पार्षद व पार्टी के पदाधिकारी तो बैठक खत्म होने से मीटिंग छोड़ दिए।  

प्रधानमंत्री के कामों का बखान

बिहार बीजेपी के दो दिवसीय कार्यसमिति के पहले दिन राजनीतिक प्रस्ताव  पास किया गया। प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने देश भर में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं | आज़ादी के बाद से ही लंबित कई आर्थिक,राजनितिक  तथा सामाजिक नीतियों में सुधार किया है, जिससे जनता के मन में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व के प्रति ऐतिहासिक विश्वास का संचार हुआ है | कांग्रेस तथा उसके इकोसिस्टम के प्रभाव में काम करने वाले राजद जैसे राजनितिक दलों ने स्वार्थवश तथा वोट बैंक के राजनीति के तहत अति आवश्यक सुधार कार्यक्रमों से इस देश को वंचित रखा था.जिसकी वजह से देशहित में लिए जाने वाले निर्णयों को लगातार टाला जाता रहा, लेकिन हमने इस देश से तीन तलाक, धारा 370, राम मंदिर जैसे बेहद पेचीदे मसलों को बिना विवाद के सुलझा दिया है | कोरोना वैश्विक महामारी के प्रभाव में जन्मी समस्याओं को देखते हुए दो बड़े आर्थिक पैकेजों की घोषणा की गयी है, जिससे समाज के हर वर्ग को राहत मिली है| भारत के आत्मनिर्भर होने की संकल्पना को ताकत मिली है.

सीएए खत्म करना बड़ी उपलब्धि 

सी.ए.ए. यानी नागरिकता संशोधन कानून ने पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान तथा बांग्लादेश में प्रताड़ित होकर बेहद कष्टमय जीवन जीने को अभिशप्त हिन्दू,  सिख, इसाई, जैन तथा पारसी जैसे अल्पसंख्यक धर्मावलम्बियों के लिए भारत की सरहदें खोल दी हैं | 34 वर्षों के इंतज़ार को ख़त्म करते हुए केंद्र सरकार ने 29  जुलाई को देश की नयी शिक्षा नीति घोषित किया, जिससे शिक्षा सर्वसुलभ होगी तथा छात्रों के सर्वांगीण विकास में सहायक होगी | अभी हाल में ही केंद्र सरकार ने बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय एकल भर्ती एजेंसी की भी घोषणा की है ,जो बिहार सहित देश के सभी प्रतियोगी छात्रों के लिए वरदान साबित होगी.

राम मंदिर निर्माण का भी उल्लेख 

राजनीतिक प्रस्ताव में आगे कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय से आये फैसले के बाद अयोध्या में करोड़ों हिन्दुओं के आस्था तथा उनके चिरंतन प्रवाह के प्रतीक प्रभु राम के वैभवशाली मंदिर के निर्माण की आधारशिला प्रधानमंत्री ने रखी . मंदिर आधारशिला पूजन के बाद कांग्रेस तथा उसके सहायक दलों के मुह पर ताला लग गया है, जो हमसे राम मंदिर निर्माण की तारीख पूछते थे | मंदिर का निर्माण यह साबित करता है की हम अपनी विचारधारा को लेकर प्रतिबद्ध हैं, तथा गाँधी तथा दीनदयाल उपाध्याय की रामराज्य की कल्पना को हम साकार करने को कटिबद्ध हैं | 

जम्मू-कश्मीर की चर्चा

जम्मू-कश्मीर चिरंतन शान्ति के तरफ अग्रसारित है, जहां धारा 370 के ख़त्म होने के बाद से अभी तक 150 से ज्यादा आतंकवादियों को हमारे जवानों ने मौत के घाट उतार दिया है | धारा 370/35 ए के हटने से जम्मू-कश्मीर में रह रहे 90 हज़ार से अधिक दलित वर्ग के लोगों को अब सम्मान का जीवन उपलब्ध होगा क्यूंकि धारा-370 ने इनके लिए सामाजिक, राजनितिक तथा आर्थिक तरक्की के सभी दरवाजे बंद करके रखे थे | अब इस वर्ग के लोगों को सरकारी नौकरियों सहित राजनितिक प्रक्रिया में भी हिस्सेदारी मिलेगी | कश्मीर में शान्ति बहाली के साथ साथ अब राजनितिक प्रक्रिया की भी विधिवत शुरुआत होगी, और जल्द ही यहाँ चुनाव की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी

महागठबंधन पर अटैक

बीजेपी के प्रस्ताव में महागठबंधन के बारे में भी चर्चा की गई है।प्रस्ताव में कहा गया कि महागठबंधन का निर्माण केवल घोटालों के आरोपित दो परिवारों की रक्षा के लिए बना हुआ है | इस गठबंधन में शामिल दल मानसिक रूप से एक दुसरे के विरोधी हैं और कभी स्थिर, विकासपरक तथा जनोन्मुखी सरकार नहीं दे सकते | हमारे पास एक स्पस्ट विश्वसनीय तथा हर कसौटी पर खरा नेतृत्व है | एनडीए में शामिल सभी दल विकास परक राजनीति के समर्थक हैं, तथा हम सबका साथ-सबका विकास तथा सामजिक न्याय के साथ विकास के अपने लक्ष्य पर अडिग हैं |

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