BIHAR CRIME: सुशासनी पुलिस की घिनौनी करतूत, पीड़ित परिजन को बनाया बंधक, हत्या को बताया दुर्घटना

BIHAR CRIME: सुशासनी पुलिस की घिनौनी करतूत, पीड़ित परिजन को बनाया बंधक, हत्या को बताया दुर्घटना

BEGUSARAI: सुशासन बाबू के राज्य में पुलिस की शर्मनाक कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार पुलिस पर झूठा मुकदमा दर्ज कर ना तो किसी को फंसाने और ना ही गलत अनुशंधान करने का आरोप लगा है। बल्कि लूट के दौरान गोली मारकर हत्या की घटना को सड़क दुर्घटना में बदलने का आरोप है। हत्या की इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस ने साजिश के तहत हत्या के एकलौते प्रत्यक्षदर्शी गवाह को बंधक बनाकर न सिर्फ उसे मीडिया के सामने आने से रोका। साथ ही साथ गवाह को डराया धमकाया भी है। 

बता दें कि बुधवार की सुबह पुलिस बिना परिजन के एक डेड बॉडी को सदर अस्पताल लाती है। इस शव को मीडिया के सामने सड़क हादसे में मौत करार दिया जाता है। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस अपने साथ ले गई। परिजन जैसे ही पुलिस के इस साजिश भरी मंशा को समझते हैं, वैसे ही शव को बैरंग हॉस्पिटल पोस्टमार्टम के लिए लेकर आते हैं। तब इस रहस्य पर से पर्दा  उठता है। मृतक की पहचान समस्तीपुर के उजियारपुर थाना अंतर्गत सातनपुर के रहने वाले कमलेश कुरेरी का लगभग 23 वर्षीय पुत्र शिबू कुरेरी के रूप में हुई थी। जिले के फुलवरिया थाना क्षेत्र के बगराह डीह कोयला डिपो स्थित एनएच 28 पर हथियार से लैस बाइक सवार दो अपराधियों ने बुधवार की अहले सुबह शिबू की गोली मारकर हत्या कर दी। उस वक्त शिबू अपने मौसा के साथ बाहर निकला था। पुलिस के कार्यशैली से नाराज दर्जनों लोग अस्पताल पहुंच दोबारा पोर्स्टमार्टम के लिए पूरी रात डटे रहे। घटना के प्रत्यक्षदर्शी मृतक का मौसा किरानी कुरेरी ने बताया कि वह शरणस्थली पिपड़ा विद्यालय परिसर से बुधवार की सुबह शिबू के साथ मधु छुड़ाने के लिए जा रहा था। उसने कहा कि शिबू अपने साइकिल से आगे आगे चल रहा था और किरानी कुछ ही दूरी पर पीछे पीछे जा रहा था।


बगराह डीह स्थित एनएच 28 पर पहुंचते ही बाइक सवार दो अपराधियों ने फुर्ती से आगे बढ़ कर बाइक रोक दिया और साइकिल रोक कर शिबू के कनपट्टी में गोली मार दिया। जिससे उसकी मौत घटनास्थल पर ही हो गई और वह लड़खड़ाते हुए जमीन पर गिर गया। उसने बताया कि मौत का दृश्य देखकर भयभीत होकर वह पीछे की ओर चिल्लाते हुए भागने लगा फिर भी अपराधियों ने उसपर निशाना साधते हुए दो फायर किया था जिस दौरान उसकी जान बाल-बाल बच गई। उसने आरोप लगाया है कि अपराधी हत्या के बाद मृतक गले से एक भर की सोने की चकती लेकर फरार हो गया। वहीं इस पोस्टमार्टम में युवक के सिर से एक गोली निकाल ली गई। अब सवाल यह उठता है कि जब अपराधियों ने युवक की हत्या तो पुलिस इसे सड़क दुर्घटना क्यों बताने पर तुली हुई है।

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