बिहार सरकार का सभी DM को सख्त फरमान, अंचलाधिकारी-राजस्व पदाधिकारियों को इस तरह की ड्यूटी में न लगाएं, काम प्रभावित होता है

बिहार सरकार का सभी DM को सख्त फरमान, अंचलाधिकारी-राजस्व पदाधिकारियों को इस तरह की ड्यूटी में न लगाएं, काम प्रभावित होता है

PATNA: बिहार सरकार लगातार जमीन संबंधी विवादों के निपटारे में तेजी लाने की कवायद कर रही है. इसको लेकर अब तक सरकार ने कई निर्णय लिए हैं. सीएम नीतीश कुमार ने 8 दिसंबर को विभाग की हाईलेवल मीटिंग की थी। बैठक में यह बात आई कि अंचलाधिकारियों से अन्य ड्यूटी ली जाती है. इस वजह से राजस्व संबंधी काम प्रभावित होता है। इसके बाद सीएम नीतीश ने बड़ा आदेश दिया है।  

सीएम नीतीश की मीटिंग में उठा था मुद्दा

बिहार सरकार ने सभी डीएम को सख्त फरमान दिया है कि अंचल अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों को राजस्व एवं आपदा संबंधी कार्य के अलावा अन्य कार्यों में प्रतिनियुक्त नहीं करें. इस संबंध में मुख्य सचिव दीपक कुमार ने सभी डीएम को पत्र दिया है.  पत्र में कहा गया है कि जनकल्याण एवं भूमि विवाद से संबंधित मामले के निपटारे के मद्देनजर यह आवश्यक है कि अंचल अधिकारी को आपदा राहत निर्वाचन तथा विशेष परिस्थिति में विधि व्यवस्था को छोड़कर अन्य कार्यों तथा परीक्षा संचालन इत्यादि में प्रतिनियुक्त नहीं करें.

सीओ पर बड़ी जिम्मेदारी,अन्य ड्यूटी में नहीं लगायें


मुख्य सचिव ने कहा है कि ऐसा देखा जाता है कि अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मियों को विभागीय कार्यों के अतिरिक्त अन्य कार्य जैसे परीक्षा संचालन, विधि व्यवस्था इत्यादि कार्यों में प्रतिनियुक्त किया जाता है. जिससे राजस्व संबंधी सरकार की अति महत्वपूर्ण कार्यों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब होता है तथा आम जनों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है .बिहार के आम नागरिकों की सुविधा को लेकर भूमि संबंधी मामलों के निष्पादन के लिए ऑनलाइन दाखिल खारिज, एलपीसी समेत अन्य कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. यह तमाम कार्य इन्हीं अधिकारियों के द्वारा निष्पादित किए जाते हैं. ऐसे में इन लोगों की अति महत्वपूर्ण भूमिका है. लिहाजा इन अधिकारियों को अन्य ड्यूटी में नहीं लगाएं.


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