बिहार की जेलों में हर शाम गूंजेगा गीत-संगीत, कैदी हरके दिन 1 घंटे पुस्तकालयों में करेंगे अध्ययन

बिहार की जेलों में हर शाम गूंजेगा गीत-संगीत, कैदी हरके दिन 1 घंटे पुस्तकालयों में करेंगे अध्ययन

PATNA: बिहार की जेलों में अब हर शाम गीत-संगीत होगा. सिर्फ संगीत ही नहीं बल्कि कैदी हर दिन प्रार्थना, व्यायाम करेंगे. पढ़ाई करने वाले कैदियों के लिए प्रत्येक दिन 1 घंटे पुस्ताकलयों में समय देना होगा. पुस्तकालय में वे कैदी सामूहिक रूप से अध्ययन करेंगे. बिहार सरकार ने सभी जेल के अधीक्षकों को इस संबंध में जरूरी निर्देश दिए हैं.

जेल आईजी मिथिलेश मिश्र ने सूबे के जेलों में बंद कैदियों के लिए हर हाल में सामूहिक व्यायाम, योगासन, प्रार्थना करने को लेकर आदेश जारी किया है. साथ ही हर दिन न्यूनतम 1 घंटे सामूहिक रूप से पुस्तकालय में अध्ययन कराने के निर्देश दिए हैं. इतना ही नहीं हर दिन संध्या के समय गीत-संगीत का कार्यक्रम कराने का आदेश दिया गया है. जेल आईजी ने कहा है कि यह सब नंबर खुली से नंबर बंदी के बीच में कराई जाए. इतना ही नहीं जेल के भीतर धार्मिक प्रवचन और योगासन भी कराए जा सकते हैं. इसके लिए गैर सरकारी संगठनों की मदद ली जा सकती है.

बिहार की जेलों में कैदी कल्याण कार्यक्रमों का नहीं हो रहा पालन

जेल आईजी ने कहा है कि सूबे के जेलों में कैदियों के कल्याण के लिए जो कार्यक्रम चलाए जाने है वो अधिकांश जेलों में नहीं किया जा रहा है. अगर आगे इस तरह के कार्यक्रम नहीं कराए जायेंगे तो इसके लिए संबंधित जेल के अधीक्षक और उपाधीक्षक जिम्मेदार होंगे.


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