बिहार में अब बदल जाएगा ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए टेस्ट का प्रोसेस, जानिए क्या होने वाला है बड़ा बदलाव

बिहार में अब बदल जाएगा ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए टेस्ट का प्रोसेस, जानिए क्या होने वाला है बड़ा बदलाव

पटना : बिहार में आने वाले वक्त में ड्राइविंग टेस्ट के प्रोसेस में बड़ा बदला होने जा रहे हैं. इसको लेकर परिवहन विभाग ने पूरी तैयारी भी कर ली है. परिवाहन विभाग अब ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने से पहले ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर टेस्ट लेगा.

फुलवारी शरीफ स्थित परिवहन परिसर में अत्याधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर का निर्माण किया जाएगा. इसके साथ ही ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक का भी निर्माण किया जाएगा, जहां ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने वाले आवेदकों के ड्राइविंग कुशलता की जांच की जाएगी. इस ट्रैक पर टेस्ट में पास होने के बाद ही ड्राइविंग लाइसेंस के लिए योग्य माने जाएंगे. ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक निर्माण का कार्य नवंबर 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि परिवहन परिसर में 302.00 वर्ग मीटर का ड्राईविंग टेस्टिंग सेंटर का निर्माण होना है. सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए कुशल लोगों को ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के उद्देश्य से लाइसेंस जारी करने के पूर्व वाहन चालन कुशलता जांच ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेेस्टिंग ट्रैक का निर्माण किया जाएगा. 

ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेेस्टिंग ट्रैक का निर्माण आईडीटीआर, औरंगाबाद में किया जा चुका है. इस माह के अंत तक यहां ड्राइविंग टेस्टिंग शुरु हो जाएगा. वर्तमान समय में ड्राइविंग कुशलता की जांच के लिए लाइसेंस जारी करने से पूर्व ड्राइविंग टेस्टिंग की प्रक्रिया मैनुअली है. ऐसा देखा गया है कि ड्राइविंग कुशलता के अभाव में जब कोई व्यक्ति सड़कों पर वाहन चलाते हैं तो सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनते हैं. ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक का शेप 8 आकार का रहेगा. इसमें जगह-जगह कैमरे लगे होंगे. साथ ही ड्राइविंग टेस्टिंग के लिए उपयोग में लाये जाने वाले वाहन में भी मोबाइल कैमरा फीड रहेगा. सभी कैमरे और मशीनें कंप्यूटर से जुड़े होंगे. कैमरे पर लिए गए चित्र को कंप्यूटर पर देखते हुए ड्राइविंग पर नजर रखी जाएगी. टेस्ट के दौरान मशीनों का ज्यादा और व्यक्तियों का कम उपयोग होगा.

 टेस्ट का रिजल्ट भी टेस्ट देने के तुरंत बाद आ जाएगा. इस नई सुविधा से अभ्यर्थियों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा. समय की भी बचत होगी. ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर अभ्यर्थियों को वाहन चलाने के दौरान सीट बेल्ट, पथ परिवर्तन, लेन ड्राइविंग, स्टाॅप लाइन, एस गठन, सामानांतर पार्किंग, स्थायी पार्किंग, रिवर्स, पथ परिवर्तन, ट्रैफिक लाइट आदि यातायात नियमों का अनुसरण करना होगा. हर स्टेप के लिए अलग-अलग समय और अंक निर्धारित रहेगा. निर्धारित मानक के अनुसार ड्राइविंग करने पर ही अंक मिलेगा और टेस्ट में पास हो सकेंगे.

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