बिहार में आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल, 14 शिल्पों का मुफ्त प्रशिक्षण से रोजगार के अवसर होंगे सजृन

बिहार में आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल, 14 शिल्पों का मुफ्त प्रशिक्षण से रोजगार के अवसर होंगे सजृन

पटना...  बिहार को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान, पटना की ओर से एक नई पहल की शुरुआत की जा रही है। संस्थान की ओर से बिहार के लोगों को कुल 14 शिल्पों का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें सेरामिक शिल्प की ट्रेनिंग को पहली बार शामिल किया गया है। यह ट्रेनिंग प्रोग्राम कुल छह महीने का है, जिसकी शुरुआत जनवरी से होकर जून में समापन हो जाएगा। संस्थान की ओर से दी जाने वाली विभिन्न शिल्पों की ट्रेनिंग ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में बिहार के 16 से 40 वर्ष के लोग शामिल हो सकते हैं। 19 दिसंबर तक अपना आवेदन भेज देना होगा। विस्तृत जानकारी संस्थान की वेबसाइट www.umsas.org.in पर उपलब्ध है। 22 दिसंबर को साक्षात्कार परीक्षा होगी।

इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होने वाले सभी प्रशिक्षणार्थियों को स्टाइपेंड के रूप में 800 रुपए महीना दिया जाएगा। इसके अलावा पटना नगर निगम क्षेत्र से बाहर के 26 प्रशिक्षणार्थियों के लिए होस्टल की व्यवस्था की गई है। इन प्रशिक्षणार्थियों को दैनिक खर्चा के लिए संस्थान की ओर से 1500 रुपए महीने दिए जाएंगे।

सुत बुनाई, रंगाई छपाई (ब्लॉक प्रिंटिंग), वेणु शिल्प, पेपरमेशी शिल्प, मृण्मय (टेराकोटा), एप्लिक या कशीदाकारी, काष्ठ तक्षण या काष्ठ खिलौना, टिकुली पेंटिंग, चर्म शिल्प, मधुबनी (मिथिला) पेंटिंग, पाषाण (स्टोन) शिल्प, मेटल क्राफ्ट, सिक्की कला और सेरामिक शिल्प की ट्रेनिंग प्रशिक्षणार्थियों को दी जाएगी।


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