बिहार में इस साल भी सूखे के आसार,सीएम नीतीश ने अधिकारियों को किया सचेत

बिहार में इस साल भी सूखे के आसार,सीएम नीतीश ने अधिकारियों को किया सचेत

पटनाः बिहार में इस बार भी सूखे की संभावना दिख रही है।बिहार सरकार यह मान कर चल रही है कि इस बार भी बारिश सामान्य से कम होगी। इन संभावनाओं के बीच राज्य सरकार  अभी से हीं तैयारी में जुट गयी है।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज उच्चस्तरीय बैठक कर सूखे और पेयजल संकट पर मंथन किया।बैठक में कृषि,आपदा,जल संसाधन,लघु सिंचाई,पशुपालन विभाग के मंत्रियों के अलावे अन्य अधिकारी मौजूद थे.

दक्षिण बिहार में गंभीर पेयजल संकट

सीएम नीतीश की समीक्षा में यह बात उभर कर सामने आयी है कि दक्षिण बिहार में गंभीर पेयजल संकट है।गया,जमुई,नवादा के इलाकों में पेयजल का संकट है।इस पर सीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि पेयजल की संकट को दूर करने का उपाय करें।जहां पानी की किल्लत है वहां टैंकर पानी पहुंचायी जाए।आपदा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि मुख्यमंत्री ने तत्काल सभी बंद चापाकल को चालू करने के निर्देश दिया है।प्रधान सचिव ने बताया कि अभी पेयजल संकट वाले इलाकों में 490 वाटर टैंकर से पानी पहुंचाए जा रहे हैं। लेकिन इसकी संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।

दरभंगा का शहरी इलाकों में जलसंकट

आपदा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि इस बार दरभंगा में शहरी इलाकों में जल संकट की स्थिति हो गयी है।वहां दिन में चापाकलों में पानी नहीं रह रहा लेकिन रात में पानी आ जाता है।इसको लेकर विशेषज्ञों की टीम दरभंगा भेजी गई है।वहाँ की स्थिति का स्टडी किया जा रहा है।

बिहार के सभी जलाशयों की होगी उड़ाही

आपदा विभाग के प्रधान सिचव ने कहा कि जल संकट से निबटने के लिए सरकार अब सभी जलाशयों की स्टडी कराएगी।साथ हीं उसकी उडाही भी कराई जाएगी।इस संबंध में सीएम नीतीश कुमार ने अधिकारियों को आदेश दिया है।

बिहार में करीब 35 हजार चापाकल खराब

बिहार में पेयजल का संकट है। कई लोगों को पानी मयस्सर नहीं हो रहा।लेकिन बिहार सरकार ने जो चापाकल लगाए थे वो खराब पड़े हुए हैं।खराब पड़े चापाकलों की संख्या 35 हजार के करीब है।खराब पड़े चापाकल की मरम्मति को लेकर अगले 1-2 दिनों में मुख्यसचिव की अध्यक्षता में बैठक होगी ।जिसमें बंद पड़े चापाकल को फिर से चालू कराने को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया जाएगा। 

पेयजल संकट वाले जिलों में कैटल ट्रफ

पशुपालन विभाग का दावा है कि पशुओं के लिए पीने का पानी की किल्लत से निबटने के लिए वाटर ट्रफ बनाया जा रहा है।पशुपालन विभाग की सचिव एन विजयलक्ष्मी ने बताया कि 175 कैटल ट्रफ का निर्माण हो चुका है।आगे जरूरत के हिसाब से इसकी संख्या बढ़ाई जा सकती है ।

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