नीतीश के मंत्री ने कहा- बिहार में 40 लाख घुसपैठिए...1932 में हुए चुनाव और 1952 में भू-सर्वेक्षण पर तय हो नागरिकता

नीतीश के मंत्री ने कहा- बिहार में 40 लाख घुसपैठिए...1932 में हुए चुनाव और 1952 में भू-सर्वेक्षण पर तय हो नागरिकता

PATNA:  बिहार में एक बार फिर से एनआरसी के मुद्दे पर जेडीयू-बीजेपी में खुलकर मतभेद दिख रहा है।नीतीश सरकार में शामिल बीजेपी कोटे से मंत्री विनोद सिंह ने साफ कर दिया है कि एनआरसी बीजेपी का बड़ा मुद्दा है।बीजेपी कोटे के मंत्रई ने कहा कि बिहार में 35-40 लाख घुसपैठिए हैं। नीतीश सरकार के पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री विनोद कुमार सिंह आज शिक्षक दिवस पर बीजेपी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे। इसी कार्यक्रम के दौरान मंत्री विनोद सिंह ने एनआरसी पर मीडिया से खुलकर बात की।  

मंत्री विनोद सिंह ने कहा कि राज्य में 35 से 40 बांग्लादेशी घुसपैठिये हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ सीमावर्ती जिलों में ही करीब चार लाख मतदाता और 15 से 20 लाख आबादी बांग्लादेशी घुसपैठियों की है। मंत्री ने साफ कहा कि बिहार सहित पूरे देश में नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजनशिप (एनआरसी) लागू हो

सीमांचल में सबसे लागू हो एनआरसी

मंत्री ने कहा कि बिहार में एनआरसी सबसे पहले किशनगंज, कटिहार, सहरसा, खगडिय़ा सहित अन्य सीमावर्ती जिले में लागू होनी चाहिए। इन जिलों में 1932 में हुए चुनाव और 1954 में हुए भूमि सर्वेक्षण को आधार मानकर नागरिकता तय की जाए। जिनके पुरखों या माता-पिता के नाम के रिकार्ड उस समय के हैं, उन्हें भारत का नागरिक माना जाए। जिनका कोई रिकार्ड नहीं है, वे बांग्लादेशी घुसपैठिये हैं।चोरी, डकैती, मानव तस्करी, गो तस्करी सहित आतंकी हमलों में इनकी भूमिका होती है।

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