'आंखों' से फिटनेस टेस्ट करने वाले बिहार में सड़क सुरक्षा परिषद् की मीटिंग, दावा-काफी बेहतर काम हो रहे...

'आंखों' से फिटनेस टेस्ट करने वाले बिहार में सड़क सुरक्षा परिषद् की मीटिंग, दावा-काफी बेहतर काम हो रहे...

PATNA: सड़क सुरक्षा काफी संवेदनशील विषय है। बिहार में दावा किया जा रहा है सड़क दुर्घटनाओं में भारी कमी आई है और परिवहन विभाग बेहतर तरीके से कार्य कर रही है।वहीं दूसरी तरफ हकीकत कुछ और ही है। बिहार में करीब 10 लाख व्यवसायिक वाहन निबंधित हैं। परिवहन विभाग समय-समय पर इन कॉमर्शियल गाड़ियों का फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करता है। इस तकनीक वाले युग में भी परिवहन विभाग के अधिकारी आंख से देखकर ही फिटनेस प्रमाण पत्र जारी कर रहे हैं।बिहार की हालत ऐसी है कि सरकार का अपना या निजी क्षेत्र में लाइसेंसधारी कोई भी फिटनेस केंद्र नहीं है।लिहाजा परिवहन विभाग के एमवीआई आंख से देखकर ही गाड़ियों को फिट या अनफिट करते हैं.

 सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक आयोजित

शनिवार को परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा हेतु विभिन्न पणधारी विभागों (स्टेक होल्डर) द्वारा किये जा रहे कार्यों व 2020 के लिए कार्य योजना पर विभागवार समीक्षा की गई। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु वितीय प्रस्ताव पारित किये गए। 

परिवहन विभाग मंत्री संतोष कुमार निराला ने कहा कि सड़क सुरक्षा संवेदनशील विषय है। इस पर परिवहन विभाग द्वारा बेहतर तरीके से कार्य किये जा रहे हैं। अन्य सभी पणधारी विभाग एक दूसरे से समन्वय करते हुए सड़क सुरक्षा पर गठित माननीय सुप्रीम कोर्ट की समिति के निर्देशों का ससमय अनुपालन करना सुनिश्चित करें। 

परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि पिछले कुछ क्वार्टर में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आयी है। राज्य में हो रही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। वर्ष 2019 के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय ( सिर्फ जुलाई माह) क्वार्टर की तुलना में वर्ष 2020 के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय ( सिर्फ जुलाई माह) क्वार्टर में सड़क दुर्घटनाओं में कुल 25.4 प्रतिशत एवं दुघर्टना के फलस्वरुप मृत्यु में 21.7 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। 

सड़क दुर्घटनाओं के रियल टाइम माॅनिटरिंग के लिए साॅफ्टवेयर विकसित किये गए हैं। इसमें हर सड़क दुर्घटना का डेटा फीड किया जाएगा एवं उसके आधार पर सड़क दुर्घटना के कारणों का विश्लेषण कर सुधारात्मक कार्य किया जा सकेगा। परिवहन सचिव ने कहा कि सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों के समन्वय के लिए जिलों में गठित रोड सेफ्टी सेल में समर्पित रुप से पुलिस कांस्टेबल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इनका काम दुर्घटना स्थल पर जाकर जीपीएस लोकशन प्राप्त करना, सड़क दुर्घटना से संबंधित डाटा का संग्रहण आदि होगा। बड़े जिलों में दो एवं छोटे जिलों में एक-एक पुलिस कांस्टेबल रोड सेफ्टी सेल में कार्य करेंगे। इसके लिए आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराया जाएगा। 

राज्य परिवहन आयुक्त सीमा त्रिपाठी ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए वर्ष 2019 में बिहार सड़क सुरक्षा परिषद द्वारा किए गए कार्य, पणधारी विभागों (स्टेक होल्डर) द्वारा अनुपालन प्रतिवेदन व 2020 के कार्य योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले विभिन्न विभाग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध अनुसंधान विभाग विनय कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं एवं मृतकों की संख्या में कमी लाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों की माॅनिटरिंग के लिए एक सड़क सुरक्षा कोषांग का गठन किया गया है। 

बैठक में गृह विभाग, विशेष सचिव ईश्वर चंद्र सिन्हा, एडीजी, सीआईडी विनय कुमार, बिहार आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, सचिव एसबी मीणा, नगर आयुक्त, पटना श्री हिमांशु शर्मा, ट्रैफिक एसपी और पथ निर्माण विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, उत्पाद मद्यनिषेध एवं निबंधन विभाग भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रतिनिधि आदि मौजूद थे।

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