बिहार में क्रिकेट पर फिर से ग्रहण, कोर्ट ने BCA के चुनाव पर लगायी रोक

PATNA: अर्से बाद बिहार में शुरू हुए क्रिकेट पर फिर से ग्रहण लगने लगा है. पटना के जिला कोर्ट ने बिहार क्रिकेट एसोसियेशन में चुनाव की प्रक्रिया पर रोक लगा दिया है. पटना के यंग मेंस क्रिकेट क्लब के अध्यक्ष रहबीर आबदीन की यचिका पर सब जज-5 ने ये आदेश दिया है.

क्या है पूरा मामला

पटना यंग मेंस क्रिकेट क्लब के अध्यक्ष रहबर आबदीन ने पटना के सब जज-पांच की अदालत में बिहार क्रिकेट एसोसियेशन (BCA) के पदाधिकारियों के पद पर बने रहने को अवैध बताया था. रहबर आबदीन ने कोर्ट में कहा कि बिहार क्रिकेट एसोसियेशन के पदाधिकारियों का कार्यकाल 23 सितंबर 2018 को ही समाप्त हो गया है. इसके बाद BCA ने 17 अक्टूबर को पत्र निकाल कर सभी जिलों में चुनाव कराने का निर्देश दिया. BCA के इस पत्र में कहा गया था कि 45 दिनों के अंदर चुनाव नहीं कराने वाले जिलों की मान्यता रद्द कर दी जायेगी. रहबर आबदीन ने BCA के इस निर्देश को पूरी तरह अवैध बताते हुए कोर्ट से इस पर रोक लगाने की गुहार लगायी थी.

कोर्ट ने दिया यथास्थिति बनाये रखने का आदेश

रहबर आबदीन की याचिका पर सुनवाई के बाद सब जज-5 ने यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया है. यानि इस दौरान कोई चुनाव नहीं कराया जा सकेगा और BCA के पदाधिकारी कोई नीतिगत फैसला भी नहीं ले पायेंगे.

क्या कहते हैं BCA के सचिव

उधर, BCA के सचिव रविशंकर प्रसाद सिंह ने कहा है कि उन्हें कोर्ट के किसी फैसले की जानकारी नहीं है. वे 17 अक्टूबर को ही पत्र जारी कर 45 दिनों में चुनाव कराने का निर्देश दे चुके हैं. इसके बाद रहबर आबदीन कोर्ट गये. लेकिन कोर्ट ने क्या फैसला दिया है इसकी जानकारी उन्हें नहीं है. रविशंकर प्रसाद सिंह ने कहा कि इससे बिहार में क्रिकेट पर कोई असर नहीं पड़ने वाला.

फिर लगा बिहार क्रिकेट पर ग्रहण

लेकिन कानूनी पचड़े से बिहार में क्रिकेट पर एक बार फिर से ग्रहण लगता दिख रहा है. 18 साल बाद बिहार में क्रिकेट शुरू हुआ है. लेकिन एक बार फिर मुकदमेबाजी का दौर शुरू हो गया है. इससे कई तरह की आशंकायें उठ खड़ी हुई है.

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