देश की नई शिक्षा नीति पर मंत्री अशोक चौधरी का बयान, CM नीतीश के कदम की पूर्वपाठिका है नई नीति

देश की नई शिक्षा नीति पर मंत्री अशोक चौधरी का बयान, CM नीतीश के कदम की पूर्वपाठिका है नई नीति

पटना : शिक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलावों के लिए केंद्र सरकार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है. करीब तीन दशक के बाद देश में नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई है. मोदी सरकार द्वारा लाई गई नई शिक्षा नीति पर देश में बहस जारी है. इस बीच बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया है.

मंत्री अशोक चौधरी ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति का पारित होना बिहार के लिये हर्ष का विषय है. इससे बिहार सरकार के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में पहले से उठाए जा रहे कदमों को इसलिए मजबूती मिलेगी क्योंकि उस दिशा में बिहार पहले ही आगे बढ़ चला था. हमारी सरकार ने 'विकसित बिहार के सात निश्चय' में से एक निश्चय शिक्षा को समर्पित किया है, 'अवसर बढ़े आगे पढ़ें' के तहत बिहार के हर जिले में एक-एक जीएनएम स्कूल, पारा-मेडिकल कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज, महिला आईटीआई एवं इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने का लक्ष्य रखा गया है. 

आगे अशोक चौधरी ने बताया कि राज्य में पांच नए मेडिकल खोलने का लक्ष्य तो रखा ही गया, साथ ही हर मेडिकल कॉलेज में एक नर्सिंग कॉलेज का भी लक्ष्य बनाया गया है.  केवल जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि अनुमंडल स्तर भी ध्यान दिया गया और हर अनुमंडल में एक-एक सरकारी आईटीआई खोलने का लक्ष्य भी शामिल हुआ. यह कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री जी के द्वारा 2015 में उठाया गया कदम 2020 की शिक्षा नीति की पूर्वपीठिका है. 

बता दें कि शिक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलावों के लिए केंद्र सरकार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है. करीब तीन दशक के बाद देश में नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई है. इससे पूर्व 1986 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाई गई थी और 1992 में इसमें संशोधन किया गया था. एक लंबा वक्त बीत चुका है, उम्मीद की जा रही है कि यह देश के शिक्षा क्षेत्र में नए और बेहतर परिवर्तनों की शुरुआत करेगी. 



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