‘केतना के बा’ ने बिगाड़ा ‘मंत्रीजी’ का जायका, फोकट की बात सुन कर तैयार हुए ‘माननीय’ !

‘केतना के बा’ ने बिगाड़ा ‘मंत्रीजी’ का जायका, फोकट की बात सुन कर तैयार हुए ‘माननीय’ !

PATNA : शुभकामना संदेश के चक्कर में बिहार के एक लंबे डील-डॉल वाले मंत्री जी फंस गए। बात यूं है कि दो दिन पहले सूबे के एक मंत्री जी अपने विधान सभा क्षेत्र में थे। इसी बीच एक खबरनवीस की मंत्री जी से मुलाकात हो गयी। खबरनवीस ने कहा कि मंत्रीजी मेरे मीडिया हाउस को एक शुभकामना संदेश दे दीजिए। खबरनवीस की बात सुनते मंत्रीजी आव न ताव देखा और तत्काल ही शुभकामना देने को तैयार हो गए।आखिर हों भी क्यों नही, चर्चा में बने रहने के मीडिया तो जरूरी है हीं। मंत्री महोदय के तैयार होते ही खबरनवीस ने भी मंत्री महोदय के मुंह के सामने माईक लगा दी।मंत्रीजी अभी बोलना शुरू ही करने वाले थे कि बगल से आवाज आई-‘केतना के बा’?

केतना के बा ने बिगाड़ दिया माहौल

कान में यह तीन शब्द पड़ते हीं मंत्रीजी चौंक गए। शुभकामना देने वाले मंत्रीजी का खुला मुंह अचानक बंद हो गया और टेंशन में आ गए। मंत्री ने खबरनवीस से कहा कि मुझे शुभकामना संदेश नहीं देना है और तेजी से भागने वाले अंदाज में वहां से निकलने की कोशिश करने लगे। खबरनवीस के साथ-साथ मंत्रीजी के समीप रहने वाले लोग भी चौंक गए कि आखिर माजरा क्या है। मंत्री जी चुप्पी साधे हुए कुछ दूर निकल भी गए। थोड़ी देर बाद सबको समझ में आ गया कि माजरा क्या है। इधर मंत्री जी टेंशन में थे और केतना के बा की बात कहने वाला शख्स मंद-मंद मुस्कुरा रहा था। चंद सेकेंड़ में ही हर कोई मुहावरा का अर्थ समझ गया। खैर बाद में तीन शब्द वाले मुहावरे पर सफाई के बाद मंत्री जी ने शुभकामना दिया। 

अपने बयान से चर्चा मे रहते हैं मंत्री जी

अब आपके दिमाग में यह सवाल कौंध रहा होगा कि आखिर वे मंत्री जी हैं कौन ? हम आपको बता देते हैं कि ये वही मंत्री जी हैं जिन्होंने सीधे राजा पर हमला बोल दिया था। तब उनके बयान से पार्टी की काफी किरकिरी हुई थी और सहयोगी पार्टी ने भी मंत्री की काफी खिंचाई की थी। टहालांकि विवाद बढता देख एक दिन बाद ही मंत्री जी ने पलटी मार ली थी।


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