BIHAR NEWS : पटना के बाद अब दरभंगा के पारस अस्पताल पर भी उठ रहे सवाल, यूनिट हेड ने जिले के डीएम को बता दिया झूठा

BIHAR NEWS : पटना के बाद अब दरभंगा के पारस अस्पताल पर भी उठ रहे सवाल, यूनिट हेड ने जिले के डीएम को बता दिया झूठा

DARBHANGA : बिहार से सबसे बड़े प्राइवेट अस्पताल का दर्जा रखनेवाले पारस अस्पताल के साथ विवाद कम नहीं हो रहे हैं। राजधानी पटना के बाद अब दरभंगा के पारस अस्पताल के साथ भी विवादित मामला सामने आ गया। मामले ने इतना तूल पकड़ा कि खुद जिले के डीएम को दखल देना पड़ गया। उन्होंने बुधवार को दरभंगा के पारस अस्पताल पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था जिसको लेकर दरभंगा पारस अस्पताल के यूनिट हेड डॉ मनोज कुमार को सामने आना पड़ गया है। उन्होंने बताया है कि अस्पताल पर लगाए गए सारे आरोप पूरी तरह के गलत हैं।

 उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि अस्पताल पर जो भी गंभीर आरोप परिजनों और डीएम द्वारा लगाए गए हैं वह पूरी तरह निराधार है। जिस मरीज को लेकर आरोप लगाया जा रहा है उसका आरटी पीसीआर टेस्ट हुआ था । सरकारी रिपोर्ट में इसके उलट लिखा गया है इसी तरह रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अस्पताल एनएबी मूल्यांकित  व प्रमाणित नहीं है जबकि पारस अस्पताल एनएबी से फरवरी 2023 तक मूल्यांकित है।  वहीं अस्पताल पर यह भी आरोप लगाया गया हैं की अधिक बिल लिया  गया। यह भी आरोप सरासर गलत है और फाइनल बिल अलग अलग होता है अंतिम नहीं होता है। यह इसलिए बनाया जाता है ताकि आंतरिक ऑडिट में पता चले कि कितना सामान इस्तेमाल हुआ। अंतिम बिल में सारी बातें होती है यह सरकारी नियम के अनुसार बनाया जाता है त द्वारा दिया गया बिल सही नहीं है।

बहकावे में आकर परिजन लगा रहे हैं आरोप 

वहीं परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सक पर भी सवाल उठाए हैं जो सरासर गलत है। राज्य के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित डीटीसीडी की पढ़ाई की है वह भारत सरकार में पंजीकृत भी हैं इसलिए उनकी योग्यता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। हम पहले ही परिजन को बोल रहे थे मरीज कहीं और ले जाइए हम से नहीं होगा वह जबरदस्ती हाथ जोड़ कर यहां रखें और बोलते रहे आप कोशिश कीजिये। वह यहां के कुछ लोगों के बहकावे में आकर ये सब कर रहें हैं।  हमारे कांधे बहुत मजबूत हैं जरूरत पड़ी तो हम आगे जायेंगे ।


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